नई दिल्ली : सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हाल में हुए हमलों की भारत ने कड़ी निंदा करते हुए इन्हें पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। भारत ने हमलों को तत्काल रोकने की मांग की और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की अपील की। वहीं, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत के बाद केंद्र सरकार ने विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को नियमित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने क्षेत्र में हाल में अरामको मुख्यालय पर हुए हमले का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए वहां की सरकार और जनता के साथ खड़ा है।
जायसवाल ने कहा कि भारत सभी पक्षों से ऐसे हमले तत्काल रोकने का आह्वान करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल होगी।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर कहा कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में है। दूतावास ने उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए आवश्यक परामर्श भी जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि हवाई अड्डों पर हमलों और क्षेत्र में हवाई क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इसका असर रियाद, दम्माम, मदीना और जेद्दा से आने-जाने वाली भारतीय विमानन कंपनियों की उड़ानों पर भी पड़ा है। दूतावास यात्रियों और वहां फंसे लोगों को उड़ानों से संबंधित अद्यतन जानकारी उपलब्ध करा रहा है।
हमले में घायल भारतीयों का अस्पताल में उपचार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में भारतीय नागरिकों समेत कई लोग घायल हुए थे। हमले में घायल एक भारतीय नागरिक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसके परिवार की इच्छा के अनुसार, दूतावास की सहायता से रियाद में ही उसका अंतिम संस्कार किया गया।
भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने अस्पतालों में भर्ती घायल भारतीयों से मुलाकात की और उनके परिजनों से भी संपर्क बनाए रखा। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
भारत के सऊदी अरब में राजदूत विपुल और दूतावास के अधिकारियों ने मृतक भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली के अंतिम संस्कार में शामिल होकर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि वह प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहयोग देता रहेगा।
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 12 लोगों की मौत
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (जीएसीए) के अनुसार, किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में कुल 12 लोगों की मौत हुई, जबकि 309 अन्य घायल हुए। मृतकों में चार सऊदी नागरिक शामिल थे। इसके अलावा बांग्लादेश के दो नागरिक तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फलस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक की मौत की जानकारी दी गई।
जीएसीए ने बताया कि घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस बीच, रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों से स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करने की अपील की है। दूतावास ने सऊदी नागरिक सुरक्षा निदेशालय की चेतावनी साझा करते हुए कहा कि मिसाइलों और ड्रोन को निष्क्रिय करने की कार्रवाई या उनके प्रभाव वाले स्थानों से संबंधित तस्वीरें बनाना, प्रकाशित करना अथवा जानकारी साझा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।
पहले भी हवाई अड्डों को बनाया गया था निशाना
रियाद हवाई अड्डे पर हालिया हमले से पहले 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तथा अभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। जीएसीए के मुताबिक, इन घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई थी और 36 लोग घायल हुए थे।
11 अक्टूबर को हुए हमले के बाद सुरक्षा जांच और नुकसान का आकलन करने के लिए हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इसके बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हवाई सुरक्षा संबंधी चिंताओं के मद्देनजर इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया सहित भारतीय विमानन कंपनियों ने सऊदी अरब के विभिन्न शहरों के लिए अपनी उड़ान सेवाएं शनिवार तक निलंबित कर दीं।
क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों ने नागरिकों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित भारतीय दूतावास लगातार प्रयास कर रहे हैं।








