नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव से जुड़े एक मामले में वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं करा पाने पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने आयोग से स्पष्ट कहा कि उसे मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग और उपलब्ध दस्तावेज अगली सुनवाई पर पेश करने होंगे। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आयोग के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
मामला कर्नाटक की श्रृंगेरी विधानसभा सीट से जुड़ा है, जहां 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टीडी राजेगौड़ा ने भाजपा के डीएन जीवराज को 201 वोटों के अंतर से हराया था। बाद में मतपत्रों की दोबारा जांच और मतगणना से जुड़े घटनाक्रम के बाद चुनाव परिणाम बदल गया, जिसे राजेगौड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिलने पर अदालत ने जताई नाराजगी
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने निर्वाचन आयोग से मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी। आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने बताया कि वर्ष 2023 की रिकॉर्डिंग नहीं मिल पा रही है।
इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि निर्वाचन आयोग यह कैसे कह सकता है कि उसके रिकॉर्ड खो गए हैं? अदालत ने कहा कि चुनाव कराना आयोग का प्रमुख दायित्व है और उसके पास संबंधित दस्तावेज होने चाहिए।
पीठ ने स्पष्ट किया कि आयोग को अपने पास उपलब्ध सभी संबंधित रिकॉर्ड अगली सुनवाई पर पेश करने होंगे। अदालत ने कहा कि वह इस तरह के बहाने स्वीकार नहीं करेगी और रिकॉर्ड नहीं मिलने की स्थिति में आयोग के खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकाल सकती है।
दोबारा मतगणना के बाद बदल गया था चुनाव परिणाम
श्रृंगेरी विधानसभा सीट पर चुनाव परिणाम को लेकर विवाद तब बढ़ा, जब कर्नाटक हाई कोर्ट के निर्देश पर डाक मतपत्रों की दोबारा जांच की गई। इस प्रक्रिया में पहले खारिज किए गए 279 डाक मतपत्रों के सत्यापन का निर्देश भी शामिल था।
इसके बाद संशोधित परिणाम में भाजपा उम्मीदवार डीएन जीवराज को विजेता घोषित किया गया। कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
राजेगौड़ा का तर्क है कि हाई कोर्ट ने केवल खारिज किए गए 279 डाक मतपत्रों के सत्यापन का आदेश दिया था, जबकि पुनर्गणना की प्रक्रिया में अतिरिक्त मतपत्रों पर भी विचार किया गया। उन्होंने इस प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
अगली सुनवाई 15 फरवरी 2027 को
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी 2027 के लिए निर्धारित की है। अदालत ने निर्वाचन आयोग से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग और दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि चुनाव परिणाम और मतगणना प्रक्रिया से जुड़े विवाद की जांच की जा सके।
इस मामले में अब आयोग की ओर से रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जाना महत्वपूर्ण होगा। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से स्पष्ट है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की उपलब्धता और पारदर्शिता को अदालत गंभीरता से ले रही है।








