भारतीय महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक स्वर्ण, एशियाई खेलों में पहली बार बनी चैंपियन

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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियाई खेलों में इतिहास रचते हुए पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंकिता भकत, कीर्ति और 17 वर्षीय कुमकुम अनिल मोहोद की तिकड़ी ने शुक्रवार को फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

भारत पहली बार एशियाई खेलों की महिला रिकर्व टीम स्पर्धा के फाइनल में पहुंचा था। सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 5-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। फाइनल में उसका सामना दक्षिण कोरिया से हुआ, जिसे इस स्पर्धा में लंबे समय से मजबूत टीम माना जाता है।

फाइनल की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। पहला सेट 54-54 की बराबरी पर समाप्त हुआ। दूसरे सेट में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और स्कोर बराबर रहने के बाद मुकाबला 2-2 पर पहुंच गया।

तीसरे सेट में भारतीय तीरंदाजों ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ियों की कुछ गलतियों का फायदा उठाते हुए भारतीय टीम ने 55 अंक जुटाए और सेट अपने नाम कर लिया। इससे भारत ने 4-2 की बढ़त बना ली।

चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा। निर्णायक क्षणों में कीर्ति और अंकिता ने नौ-नौ अंक हासिल किए, जबकि कुमकुम ने दबाव के बीच 10 अंक का निशाना साधकर भारत को जीत की ओर बढ़ाया। अंततः भारत ने 5-3 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया।

यह महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय टीम ने इस स्पर्धा में 2010 और 2022 में कांस्य पदक जीते थे। इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय तीरंदाजी के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।