‘बहुत आलसी राजनेता हैं राहुल गांधी’, राजीव चंद्रशेखर का कांग्रेस नेता पर हमला

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डेस्क :  केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें “बहुत आलसी राजनेता” बताया। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक सक्रियता और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गांधी के कथित तौर पर विदेशी संगठनों से संबंधों को लेकर आरोप लगाए और देश में विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देने के पीछे व्यापक साजिश होने की आशंका जताई।

राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास देश के विकास को लेकर कोई मौलिक विचार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सवाल राहुल गांधी के छुट्टियां मनाने का नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक गंभीरता और जिम्मेदारी का है। चंद्रशेखर के अनुसार, जब राहुल गांधी लोकतंत्र और भारत की सुरक्षा की बात करते हैं, तो उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर भी चर्चा होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश में राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच राहुल गांधी मैदान छोड़कर छुट्टियों पर चले जाते हैं। चंद्रशेखर ने राहुल गांधी की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि जनता उनकी राजनीतिक सक्रियता और उनके बयानों की गंभीरता का आकलन कर रही है।

गौरव भाटिया ने विदेशी संगठनों को लेकर उठाए सवाल

इसी बीच, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी और कुछ विदेशी संगठनों के कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल (Progressive International) और इंडियन अलायंस पेरिस (Indian Alliance Paris) जैसे संगठनों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों की गतिविधियों और भारत में होने वाले विरोध प्रदर्शनों के बीच संभावित संबंधों की जांच होनी चाहिए।

भाटिया ने विदेशी संगठनों की गतिविधियों, उनके वित्तपोषण और भारत में प्रदर्शनों के साथ कथित समन्वय को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने राहुल गांधी के लिए अपमानजनक राजनीतिक संबोधन का भी इस्तेमाल किया और कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए।

भाजपा प्रवक्ता की ये टिप्पणियां फॉक्स न्यूज डिजिटल की एक रिपोर्ट के बाद आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नौ देशों में फैले 101 संगठनों की पहचान की गई है, जो प्रदर्शनों के आयोजन, समन्वय या प्रचार-प्रसार में शामिल रहे हैं। हालांकि, इन दावों और भारत में विरोध प्रदर्शनों से इनके कथित संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि यहां उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

गौरतलब है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पर भाजपा के इन आरोपों ने राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। भाजपा नेताओं ने जहां राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यशैली और विदेशी संगठनों से कथित संपर्कों पर सवाल उठाए हैं, वहीं इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों और संबंधित पक्षों के जवाब महत्वपूर्ण होंगे।