बिहार में डस्टबिन पर घमासान, तेजस्वी ने प्रशांत किशोर को ही घेर लिया

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पटना : बिहार में कथित डस्टबिन खरीद घोटाले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर द्वारा मामले में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की भूमिका की जांच की मांग किए जाने के बाद अब तेजस्वी ने पलटवार किया है। उन्होंने प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि उनका भाजपा नेता मंगल पांडेय से क्या रिश्ता है।

तेजस्वी यादव ने बुधवार को पटना में मीडिया से बातचीत में अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अगर उन्होंने कोई गलती की है तो उन्हें जेल भेज दिया जाए। उन्होंने कहा कि हर मामले में तेजस्वी यादव का नाम जोड़ देने से कुछ नहीं होगा। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि वास्तविक भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए बार-बार उनका नाम उछाला जाता है।

प्रशांत किशोर ने दोनों पूर्व स्वास्थ्य मंत्रियों पर उठाए सवाल

इससे पहले मुजफ्फरपुर में प्रशांत किशोर ने सरकारी अस्पतालों में डस्टबिन खरीद को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि डस्टबिन खरीद की प्रक्रिया उस समय शुरू हुई जब तेजस्वी यादव स्वास्थ्य मंत्री थे और प्रक्रिया मंगल पांडेय के कार्यकाल में पूरी हुई। इसी आधार पर उन्होंने दोनों नेताओं की भूमिका की जांच की मांग की।

प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग का एक अधिकारी दोनों के कार्यकाल में महत्वपूर्ण पद पर था और उसी की देखरेख में खरीद प्रक्रिया हुई। हालांकि उन्होंने संबंधित अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया।

15 हजार रुपये के डस्टबिन खरीद का आरोप

विवाद की शुरुआत सरकारी अस्पतालों के लिए डस्टबिन की खरीद को लेकर उठे सवालों से हुई। आरोप है कि करीब 500 से 1500 रुपये तक बाजार में उपलब्ध डस्टबिन को सरकारी स्तर पर लगभग 15,490 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदा गया। आरजेडी ने इस मामले को लेकर तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामले के राजनीतिक रूप से तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है और जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।

आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई बिहार की राजनीति

डस्टबिन खरीद विवाद अब केवल कथित वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं रह गया है, बल्कि बिहार की राजनीति में भी नया मोर्चा बन गया है। एक तरफ तेजस्वी यादव इस मामले में मंगल पांडेय और सरकार को घेर रहे हैं, वहीं प्रशांत किशोर ने खरीद प्रक्रिया के दोनों चरणों को तेजस्वी और मंगल पांडेय के कार्यकाल से जोड़कर दोनों की भूमिका की जांच की मांग कर दी है।

तेजस्वी के ताजा पलटवार के बाद अब राजनीतिक बहस का केंद्र डस्टबिन खरीद से आगे बढ़कर प्रशांत किशोर और मंगल पांडेय के बीच कथित राजनीतिक संबंधों पर भी पहुंच गया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर बिहार की सियासत की नजर रहेगी।