चार साल पुराने दुष्कर्म मामले में फैसला, मुजफ्फरपुर कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

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डेस्क : बिहार के मुजफ्फरपुर में आठ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही पीड़िता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की अनुशंसा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से की गई है।

बाइक से घुमाने के बहाने ले गया था आरोपी

मामला करीब चार वर्ष पुराना है। जानकारी के अनुसार, 16 मई 2022 को सकरा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक परिवार में छठी समारोह का आयोजन था। इस कार्यक्रम में मिठनपुरा थाना क्षेत्र का रहने वाला विकास कुमार (25) भी पहुंचा था। आरोप के मुताबिक, शाम करीब सात बजे वह आठ वर्षीय बच्ची को बाइक से घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया।

काफी देर तक बच्ची के वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू की। रात करीब डेढ़ बजे आरोपी बच्ची को लेकर वापस पहुंचा। उस समय बच्ची दर्द से परेशान थी। बच्ची ने परिजनों को सुनसान जगह पर अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया।

पुलिस की जांच और गवाही बनी सजा का आधार

पीड़िता की मां ने 17 मई 2022 को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष पॉक्सो कोर्ट-3 की न्यायाधीश नूर सुल्ताना ने शुक्रवार को विकास कुमार को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) राजीव रंजन राजू ने अदालत में पक्ष रखा। अदालत ने पीड़िता को पांच लाख रुपये की सहायता देने की अनुशंसा भी की है।

परिजनों ने फैसले पर जताया संतोष

अदालत के फैसले से पीड़िता के परिजनों को संतोष मिला है। इस मामले में समय पर दर्ज शिकायत, पुलिस की जांच और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई। घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और उनके प्रति अपराधों के मामलों में त्वरित न्याय की आवश्यकता को रेखांकित करती है।