सचिन पायलट ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव केवल राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता का विषय है। उन्होंने दावा किया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में कई ऐसी अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनके समर्थन में पर्याप्त तथ्य मौजूद हैं।
मतदाता सूची और SIR को लेकर विपक्ष की चिंता
पायलट ने मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष का कहना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में हुए बदलावों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पहले नियुक्ति समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, लेकिन बाद में इस व्यवस्था में बदलाव किया गया। पायलट के मुताबिक, नई व्यवस्था में सरकार का प्रभाव बढ़ा है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलने वाले कानूनी संरक्षण का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता क्यों महसूस हुई।
संसद और न्यायपालिका में भी उठ रहा मामला
पायलट ने कहा कि विपक्ष ने संसद में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर कई बार जवाब मांगा है, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिले। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर न्यायिक स्तर पर भी प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना लोकतंत्र के हित में है।
विपक्ष का रुख स्पष्ट करते हुए पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग को सभी राजनीतिक दलों के प्रति समान व्यवहार करना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह का पक्षपात लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में बदलाव और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे इन सवालों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार विपक्ष के इन आरोपों पर क्या जवाब देते हैं।









