डॉक्टर से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने किया सरेंडर, हाईकोर्ट ने रद्द की जमानत

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मुंबई : डोंबिवली के एक सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए उन्हें निर्धारित समय के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था।

बताया गया कि अस्पताल में एक मरीज के इलाज को लेकर हुए विवाद के बाद रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों पर महिला डॉक्टर, नर्सों तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था, लेकिन निचली अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी।

जमानत दिए जाने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर है और ऐसे मामलों में जल्दबाजी में जमानत देना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसके बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को रद्द कर दिया और रमेश म्हात्रे को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में रमेश म्हात्रे ने संबंधित पुलिस थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, इस घटना के बाद एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।