सास ने डोसा बनाने को कहा तो क्या यह क्रूरता है? कर्नाटक हाईकोर्ट ने महिला से पूछा सवाल

0

डेस्क : कर्नाटक हाईकोर्ट ने घरेलू विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी करते हुए सवाल उठाया कि क्या सास का बहू से डोसा बनाने के लिए कहना अपने आप में क्रूरता की श्रेणी में आता है। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान महिला से इस संबंध में सवाल किया।

मामला वैवाहिक विवाद और कथित उत्पीड़न से जुड़ा बताया जा रहा है। सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायत में लगाए गए आरोपों और उनके आधार पर दर्ज मामले को लेकर सवाल उठाए। अदालत ने यह भी जानने की कोशिश की कि घरेलू जिम्मेदारियों से जुड़े सामान्य व्यवहार को किस आधार पर क्रूरता माना जा सकता है।

हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों पर विचार करते हुए कहा कि केवल इस तरह की सामान्य घरेलू अपेक्षाओं को आधार बनाकर किसी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप तय करना उचित है या नहीं, इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कार्रवाई के संबंध में निर्देश दिए।

अदालत की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब वैवाहिक विवादों में घरेलू व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े आरोपों को लेकर कानूनी बहस लगातार सामने आती रही है।