दक्षिण भारत में तूफान और बारिश का खतरा, दिल्ली-NCR में प्रदूषण ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

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डेस्क : देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। दक्षिण भारत के कई राज्यों में चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और ओडिशा सहित कई राज्यों में बारिश को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। वहीं, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान के कारण दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में मौसम बिगड़ सकता है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने का भी खतरा है। तमिलनाडु और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

मध्य भारत में भी बारिश की संभावना

मध्य भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम में बदलाव के संकेत हैं। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश तथा गरज-चमक हो सकती है। महाराष्ट्र और गोवा के कुछ हिस्सों में भी मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत में मौसम रहेगा शुष्क

उत्तर भारत के अधिकांश मैदानी इलाकों में फिलहाल बारिश की संभावना कम है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। सुबह और रात के तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंड का असर बढ़ सकता है। पहाड़ी राज्यों में कुछ स्थानों पर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

राजधानी दिल्ली में मौसम से ज्यादा वायु प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। 2 नवंबर की सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 428 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। प्रदूषण के कारण सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह

चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने और समुद्र तट के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।