डेस्क : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान अमेरिका के साथ जल्द समझौता करना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इस बात पर विचार कर रहा है कि तेहरान के साथ बातचीत शुरू की जाए या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने में अमेरिका सफल रहा है और सैन्य संघर्ष समाप्त होते ही वैश्विक तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट के जरिए ईरान के साथ संघर्ष, ऊर्जा आपूर्ति, अमेरिकी रक्षा उत्पादन और देश में बढ़ती कीमतों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि ईरान जल्द और बुरी तरह समझौता करना चाहता है, हालांकि बातचीत में शामिल होने का फैसला अमेरिका करेगा।
ट्रंप ने अमेरिका में कीमतों में बढ़ोतरी के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में तेल की कीमतें बाइडन प्रशासन के दौरान की तुलना में कम हैं। ट्रंप ने दावा किया कि तेल की कीमतें सैन्य संघर्ष समाप्त होने के बाद तेजी से नीचे आएंगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य से जारी है तेल की आवाजाही
ट्रंप ने कहा कि फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति जारी है। उन्होंने इस दौरान अमेरिका के सहयोगी देशों पर संकट के समय पर्याप्त मदद नहीं करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा में अमेरिका जो भूमिका निभा रहा है, उसके लिए अन्य देशों को अमेरिका को भुगतान करना चाहिए।
अमेरिकी रक्षा उत्पादन बढ़ा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने देश में हथियारों के उत्पादन को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने इतिहास में पहले से कहीं अधिक आधुनिक और उन्नत हथियारों का उत्पादन कर रहा है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी रक्षा कंपनियों की फैक्ट्रियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों को लगातार हथियार और सैन्य उपकरण भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रक्षा उत्पादन में पैट्रियट मिसाइल प्रणाली, थाड सिस्टम, टॉमहॉक और अन्य स्टैंडर्ड मिसाइल सिस्टम प्रमुख रूप से शामिल हैं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि देश में कई नए बड़े रक्षा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
ईरान ने अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन को कब्जे में लेने का दावा किया
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका के एक अंडरवॉटर ड्रोन को कब्जे में लेने को लेकर कहा कि उसे जब्त नहीं किया गया, बल्कि युद्ध की लूट के तौर पर कब्जे में लिया गया है और ऐसी लूट वैध होती है।
इससे पहले सितंबर में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र के पास एक अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी को कब्जे में लेने का दावा किया था। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह उपकरण डाइव-एलडी था, जिसे कैलिफोर्निया स्थित रक्षा कंपनी एंड्यूरिल ने विकसित किया है।
लगभग 19 फुट लंबा यह स्वायत्त अंडरवॉटर वाहन समुद्री खदानों की पहचान, समुद्र तल की मैपिंग, खुफिया जानकारी जुटाने तथा पानी के भीतर मौजूद केबल और पाइपलाइन जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं की जांच के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, ईरान के दावे पर अमेरिकी रक्षा विभाग ने अलग रुख अपनाया। पेंटागन के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि संबंधित अंडरवॉटर ड्रोन में तकनीकी खराबी आई थी और वह घटना से एक दिन से अधिक समय पहले ही काम करना बंद कर चुका था।







