डेस्क : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को हिजबुल्लाह के खिलाफ एक और बड़ी सैन्य सफलता का दावा करते हुए कहा कि लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने का अभियान जारी रहेगा।
इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल ने ब्यूफोर्ट रिज और अली अल-ताहेर रिज पर हिजबुल्लाह के प्रमुख आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि इजराइल की नीति स्पष्ट है और लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में मौजूद आतंकवादी ढांचे को लगातार निशाना बनाया जाएगा।
नेतन्याहू ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दुश्मन इजराइल पर दोबारा हमला करने का विकल्प चुनता है तो उसे पहले से भी अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी कुछ काम बाकी है और इजराइल उसे पूरा करेगा।
इस बीच, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने पिछले महीने कहा था कि रोम में इजराइल और लेबनान के बीच हुई कूटनीतिक वार्ता के दौरान सीमा विवाद और कैदियों की रिहाई के मुद्दे पर सकारात्मक प्रगति हुई है।
लेबनानी राष्ट्रपति ने 7 अगस्त को मंत्रिमंडल की बैठक में बताया था कि रोम वार्ता में संघर्ष विराम, मकानों को हटाने एवं ध्वस्त करने, सीमा निर्धारण तथा कैदियों की वापसी और पायलट क्षेत्रों की पहचान सहित चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि सीमा और कैदियों से जुड़े मुद्दों पर जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
आउन के अनुसार, संघर्ष विराम और पायलट क्षेत्रों से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने में अमेरिका भूमिका निभाएगा। इस बीच अमेरिकी जनरल जोसेफ क्लियरफील्ड के बेरूत दौरे की भी बात कही गई थी।
रोम में इजराइली और लेबनानी अधिकारियों के बीच तीन दिनों तक चली वार्ता का उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाना और जून के अंत में वॉशिंगटन में बनी समझ को लागू करना था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, हिजबुल्लाह के विरोध के बावजूद यह दोनों पक्षों के बीच सातवीं दौर की वार्ता थी।







