ईरान में बड़ी बढ़त का दावा, जल्द दिखेंगे कार्रवाई के नतीजे: ट्रंप

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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान में अमेरिका को बड़ी सफलता मिल रही है और जल्द ही इसके परिणाम पूरी दुनिया के सामने होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता को इस अभियान का “फल” बहुत जल्द देखने को मिलेगा।

अमेरिका में चुनावों की निष्पक्षता और विदेशी हस्तक्षेप के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान समेत विदेशों में चल रहे सैन्य अभियानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य ताकत बनाया है।

ट्रंप ने कहा कि वह सैन्य कार्रवाई का इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने कहा, “दुर्भाग्य से हमें अब इसका इस्तेमाल करना पड़ रहा है।”

अपने संबोधन में ट्रंप ने वेनेजुएला का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां अमेरिका को सफलता मिली है और अब वेनेजुएला अमेरिका के साथ मिलकर लाखों बैरल तेल के उत्पादन में सहयोग कर रहा है।

ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा, “हम ईरान में भी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं और बहुत जल्द आपको इस अभियान के परिणाम देखने को मिलेंगे।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका संकेत किन परिणामों की ओर था।

इस बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि लगातार अमेरिकी सैन्य हमलों के बावजूद ईरान अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है और समझौते की इच्छा भी जता रहा है।

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लीविट ने कहा, “ईरान लगातार अमेरिका से बातचीत कर रहा है और समझौता करना चाहता है, क्योंकि अमेरिकी सेना की कार्रवाई से उसे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।”

गौरतलब है कि गुरुवार को ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों का सिलसिला लगातार छठे दिन भी जारी रहा। दोनों देशों के बीच 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के विफल होने के बाद तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, ताजा कार्रवाई में ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा रहा था।

पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष अब और गंभीर रूप लेता जा रहा है। शुरुआती लक्षित हमलों से आगे बढ़ते हुए अब दोनों पक्ष एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव लगातार गहराता जा रहा है।