ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बढ़ा दबाव, नेतन्याहू ने ट्रंप की सराहना की

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तेल अवीव: ईरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से लगाए गए नए प्रतिबंधों के बाद पश्चिम एशिया में तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की सराहना करते हुए कहा कि नए प्रतिबंध ईरान और उसके समर्थकों को भारी कीमत चुकाने पर मजबूर करेंगे।

नेतन्याहू ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अमेरिका ने ईरानी शासन और उसकी आक्रामक गतिविधियों में मदद करने वालों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ट्रंप और बेसेंट को नए प्रतिबंधों के लिए बधाई दी।

अमेरिका ने सोमवार को करीब 60 संस्थाओं, व्यक्तियों और जहाजों पर प्रतिबंध लगाए। इन पर ईरान की सैन्य गतिविधियों, खरीद नेटवर्क तथा पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल कारोबार से जुड़े होने का आरोप है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ नाम दिया है।

ईरान की आर्थिक नसें काटने का दावा

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दुनिया भर में ईरान के वित्तीय संपर्कों को तोड़ना और उसके शासन को आर्थिक रूप से समर्थन देने वाले राजस्व स्रोतों को बंद करना है।

बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ने ईरान द्वारा तेल की तस्करी और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नेटवर्क की पहचान कर ली है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी एजेंसियां उन सभी संभावित राजस्व स्रोतों को निशाना बनाएंगी, जिनसे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और सरकार को आर्थिक मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि ईरान के सामने अब दो रास्ते हैं—या तो वह वैश्विक स्तर पर अलग-थलग होकर सीमित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़े या फिर सामान्य स्थिति की दिशा में लौटकर वैश्विक अर्थव्यवस्था में दोबारा शामिल होने का रास्ता अपनाए।

ट्रंप पहले ही दे चुके हैं कड़े प्रतिबंधों के संकेत

बेसेंट की घोषणा से एक दिन पहले उन्होंने एक लेख में ईरान के खिलाफ आने वाले अभियान को ‘आर्थिक डी-डे’ बताया था। इससे पहले 20 अगस्त को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के खिलाफ व्यापक आर्थिक अभियान की घोषणा की थी।

ट्रंप ने ईरान की आर्थिक गतिविधियों की प्रमुख कड़ियों—तेल तस्करी, वित्तीय हस्तांतरण, मुद्रा विनिमय केंद्रों, जहाज पंजीकरण और मुखौटा कंपनियों—को निशाना बनाने की बात कही थी।

उन्होंने चेतावनी दी थी कि जो देश ईरान को आर्थिक, कारोबारी, हवाईअड्डे या सरकारी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराएंगे, उन्हें भी गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रंप ने अमेरिकी सहयोगी देशों से ईरान को अलग-थलग करने के अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए इसे ‘आर्थिक डी-डे’ करार दिया था। अमेरिका के ताजा प्रतिबंधों के बाद ईरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव और बढ़ने के संकेत हैं।