‘ईरान से डील में हो अब्राहम अकॉर्ड का विस्तार’, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी ने सऊदी अरब-पाकिस्तान को चेताया

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वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि ईरान में संघर्ष को खत्म करने के लिए चल रही इन बातचीत के नतीजे के तौर पर अब्राहम अकॉर्ड्स का विस्तार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हमारे अरब और मुस्लिम सहयोगी अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने पर राजी होते हैं तो यह मध्य-पूर्व के इतिहास के सबसे अहम समझौतों में से एक बन जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अब्राहम समझौते में कुछ और देशों के शामिल होने की संभावना अपनी पोस्ट में जताने के बाद ग्राहम ने ये बात कही है।

लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान का ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ में शामिल होना इस इलाके और पूरी दुनिया के लिए जबरदस्त बदलाव लाने वाला कदम होगा। यह राष्ट्रपति ट्रंप का एक बहुत ही शानदार कदम है। सऊदी अरब और बाकी देशों को इस पर सोचना चाहिए। वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनको इससे नुकसान उठाना पड़ेगा।

मध्य पूर्व को बदलना होगा: ग्राहम

सऊदी अरब और बाकी देशों से अपील करते हुए ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम ने कहा कि अब समय आ गया है कि एक नए मध्य-पूर्व के भविष्य के लिए हिम्मत दिखाएं। जैसा राष्ट्रपति ट्रंप ने सुझाव दिया है, अगर आप अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होंगे तो अरब-इजरायल संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे।

सऊदी अरब और बाकी देश अगर आप राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुझाव के मुताबिक इस रास्ते पर चलने से मना करते हैं तो इसका हमारे भविष्य के रिश्तों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। यह शांति प्रस्ताव नामंजूर मान लिया जाएगा। इसके अलावा इतिहास इसे एक बहुत बड़ी भूल के तौर पर याद रखेगा।

Donald trump

‘ट्रंप अपने इरादे पर टिके रहें’

लिंडसे ग्राहम ने पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप को भी संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ईरान के साथ अच्छा समझौता करने के अपने इरादे पर टिके रहें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आप इस बात पर मजबूती से अड़े रहें कि बातचीत के हिस्से के तौर पर सऊदी अरब और बाकी देश अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल हों। यह राष्ट्रपति ट्रंप का शानदार प्रस्ताव है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से समझौते के बारे में रविवार को की गई अपनी एक पोस्ट में अब्राहम अकॉर्ड का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि वह पश्चिम एशिया के सभी देशों को उनके समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद देंगे। उन्होंने आगे कहा कि ऐतिहासिक अब्राहम समझौते में शामिल देशों के साथ जुड़ने से यह समर्थन और सहयोग ज्यादा मजबूत होगा। और क्या पता कि ईरान भी इस समझौते में शामिल हो जाए।

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