एसपी के हेलमेट पर लगा पत्थर, वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज; कई हिरासत में

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डेस्क : विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को पटना में निकाले गए लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बाद में लाठीचार्ज किया। कार्रवाई में कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए, जबकि कुछ के बेहोश होने की भी सूचना है।

वामपंथी छात्र, किसान और मजदूर संगठनों के साथ नर्सिंग और पारा मेडिकल के छात्र-छात्राएं भी मार्च में शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी सुबह से गांधी मैदान में जुटने लगे थे। यहां से मार्च आगे बढ़ा तो जेपी गोलंबर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे की खींचतान के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए।

डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने दोपहर करीब 12:50 बजे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन चलाया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास करते रहे। करीब 1:15 बजे पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे हटाया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थरबाजी भी की गई। एक पत्थर पटना ग्रामीण एसपी कमल मीणा के हेलमेट पर लगा। एक महिला पत्रकार के घायल होने की भी सूचना है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद डाकबंगला चौराहे पर अफरातफरी मच गई। प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। करीब तीन बजे तक डाकबंगला चौराहे को पूरी तरह खाली करा लिया गया।

कई छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ी

लाठीचार्ज के दौरान नर्सिंग और पारा मेडिकल के कई छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। कुछ छात्र-छात्राओं के बेहोश होने के बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। एक छात्र के एटीएम में जाकर बेहोश होने तथा एक छात्रा के सड़क पर गिरकर बेहोश होने की जानकारी सामने आई है। अन्य घायल प्रदर्शनकारियों को भी उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

कुलपति को हटाने की मांग

नर्सिंग और पारा मेडिकल के छात्र बिहार राज्य स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के कुलपति को हटाने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि विश्वविद्यालय के नर्सिंग और पारा मेडिकल पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए हैं। इसके अलावा मार्च में बाढ़ पीड़ितों को राहत और मुआवजा, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा नीति, कृषि ऋण माफी, महिला आरक्षण और अन्य मुद्दों को लेकर 11 सूत्री मांगें उठाई गईं।

प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय छात्र संघ, अखिल भारतीय नौजवान संघ, ट्रेड यूनियन, महिला संघ, आशा संघ, रसोईया संघ और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे।