फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक, नकाबपोश उपद्रवियों ने फूंकी गाड़ियां

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डेस्क : फ्रांस में बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत के खिलाफ शुरू हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया। राजधानी पेरिस समेत कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। नकाबपोश उपद्रवियों ने कई वाहनों में आग लगा दी, दुकानों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक इमारतों को भी निशाना बनाया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।

प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में छात्र, श्रमिक संगठन और आम नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण, ईंधन की कीमतों से राहत, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और आम लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाना शामिल है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बढ़ती कीमतों के मुकाबले उनकी आय में पर्याप्त वृद्धि नहीं हो रही है, जिससे रोजमर्रा का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है।

कई शहरों में आगजनी और तोड़फोड़

प्रदर्शन के दौरान पेरिस में कई जगह वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। कुछ समूहों ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ करते हुए लूटपाट की। मार्सेई में प्रदर्शनकारियों ने नगर प्रशासन की इमारत में प्रवेश कर नुकसान पहुंचाया, जबकि लियोन में पर्यटन कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया। लिमोज में भी ऐतिहासिक सिटी हॉल में आग लगने की घटना सामने आई।

पुलिस ने हिंसा फैलाने वाले समूहों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर वस्तुएं फेंकी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हिंसक घटनाओं के दौरान एक प्रदर्शनकारी के हाथ में गंभीर चोट आने की भी खबर है।

सरकार ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन आगजनी, लूटपाट और सरकारी इमारतों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने भी हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। अधिकारियों के अनुसार, देशभर में हुई हिंसक घटनाओं के सिलसिले में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

महंगाई और आर्थिक दबाव से बढ़ा असंतोष

फ्रांस में मौजूदा विरोध प्रदर्शनों के पीछे केवल महंगाई ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक असमानता को लेकर बढ़ता असंतोष भी है। छात्र बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, जबकि श्रमिक संगठन और आम नागरिक बढ़ती कीमतों के बीच अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जता रहे हैं।

इन घटनाओं ने फ्रांस की सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता की आर्थिक चिंताओं का समाधान करने की चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में सरकार की नीतियों और सुरक्षा व्यवस्था पर इन प्रदर्शनों का असर देखने को मिल सकता है।