डेस्क : ईरान के नए रक्षा मंत्री मेहरदाद अखलाघी ने पद संभालने के बाद अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान पर दोबारा हमला किया या ‘मदर ऑफ ऑल बम’ का इस्तेमाल किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ईरान ने किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार होने का दावा किया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्री का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। अखलाघी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी संदेश देते हुए कहा कि उन्हें क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षित वापसी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर नए हमले की स्थिति में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संसद की मंजूरी के बाद संभाली जिम्मेदारी
ईरान की संसद ने मेहरदाद अखलाघी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त करने की मंजूरी दी। वह पूर्व रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह की जगह यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नसीरजादेह की मौत के बाद रक्षा मंत्रालय का कामकाज अंतरिम व्यवस्था के तहत चल रहा था।
नए रक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि ईरान अपनी सुरक्षा और रक्षा क्षमताओं को लेकर सतर्क है। उनके मुताबिक, देश किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को ईरान की सैन्य प्रतिक्रिया को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
क्या है ‘मदर ऑफ ऑल बम’?
‘मदर ऑफ ऑल बम’ अमेरिका के सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु बमों में से एक है। इसका आधिकारिक नाम जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्लास्ट (एमओएबी) है। इसका वजन करीब 9.8 टन है और यह बड़े क्षेत्र में भारी तबाही मचाने की क्षमता रखता है।
अमेरिका ने वर्ष 2017 में अफगानिस्तान में इस बम का इस्तेमाल इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों के खिलाफ किया था। हालांकि, यह परमाणु हथियार नहीं है, लेकिन इसकी विस्फोटक क्षमता काफी अधिक है।
सैन्य तनाव के बीच बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका के बीच संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है। ईरान के परमाणु और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की चर्चाओं ने भी तनाव बढ़ाया है। हालांकि, ‘मदर ऑफ ऑल बम’ के इस्तेमाल को लेकर किसी अंतिम अमेरिकी फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों देशों के बीच किसी भी नए सैन्य टकराव का असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के रुख तथा कूटनीतिक प्रयासों पर दुनिया की नजर रहेगी।









