बिजनेस डेस्क : घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और सब्सिडी से जुड़े नियमों को लेकर अहम मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (BAA) अनिवार्य किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर अदालत ने केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांगा है। इस मामले का असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है, जिन्हें बायोमेट्रिक सत्यापन कराने में परेशानी हो रही है।
1 अक्टूबर से लागू है नया नियम
सरकार के निर्देश के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल बुकिंग निर्धारित कीमत और लागू सब्सिडी के साथ करने के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं है।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य सब्सिडी का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाना, फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान करना और घरेलू गैस के व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकना है।
हाईकोर्ट में क्यों पहुंचा मामला?
याचिका में अनिवार्य बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि यह नियम दृष्टिबाधित लोगों, बुजुर्गों और दिव्यांग उपभोक्ताओं के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। याचिका में दावा किया गया है कि इससे करीब 3.16 करोड़ उपभोक्ता प्रभावित हो सकते हैं।
14 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अदालत ने फिलहाल इस नियम पर रोक नहीं लगाई है। इसलिए इसे रद्द किए जाने या नियमों में बदलाव होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
बायोमेट्रिक सत्यापन कैसे कराएं?
उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी के माध्यम से सत्यापन पूरा कर सकते हैं। इसके लिए प्रमुख विकल्प हैं:
- इंडेन: IndianOil ONE ऐप
- भारत गैस: HelloBPCL ऐप
- एचपी गैस: HP PAY ऐप
- गैस एजेंसी के कार्यालय में जाकर सत्यापन।
- सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मी की सहायता से सत्यापन।
सरकार के मुताबिक, जो उपभोक्ता सत्यापन कराने में असमर्थ हैं या इसे नहीं कराना चाहते, वे निर्धारित डिजिटल माध्यमों से अपनी पसंद दर्ज करा सकते हैं। ऐसी स्थिति में स्थानीय उपलब्धता के आधार पर बिना सब्सिडी वाले 5 या 10 किलोग्राम के सिलेंडर बाजार मूल्य पर दिए जा सकते हैं।
उपभोक्ताओं को अब क्या करना चाहिए?
फिलहाल उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जिनका बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया कराने की आवश्यकता नहीं है। जिनका सत्यापन बाकी है, वे अपनी गैस एजेंसी या संबंधित कंपनी के ऐप से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
हाईकोर्ट में अगली सुनवाई के बाद मामले की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। तब तक मौजूदा नियमों में किसी बदलाव या राहत को लेकर आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा।








