हरीश साल्वे ने अभिजीत दीपके की फंडिंग पर उठाए सवाल, दीपके ने मांगे सबूत

0

नई दिल्ली : वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे के कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और विरोध प्रदर्शनों की फंडिंग को लेकर उठाए गए सवालों के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। साल्वे ने आरोप लगाया है कि भारत में कुछ आंदोलनों को विदेश से आर्थिक मदद मिल रही है और इनके पीछे बाहरी ताकतों का प्रभाव हो सकता है। वहीं, अभिजीत दीपके ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि साल्वे के पास कोई ठोस सबूत हैं, तो उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंप देना चाहिए।

हरीश साल्वे ने फंडिंग को लेकर क्या कहा?

एक इंटरव्यू में हरीश साल्वे ने भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के वित्तीय स्रोतों पर सवाल उठाए। उन्होंने अभिजीत दीपके और सौरभ दास सहित कुछ लोगों का उल्लेख करते हुए पूछा कि इन आंदोलनों के लिए धन कहां से आ रहा है। उनका तर्क था कि बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित करने में खर्च होता है और इसके वित्तीय स्रोतों की जांच होनी चाहिए।

साल्वे ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत के आंतरिक मामलों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती हैं। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में हो रहे घटनाक्रमों के पीछे बाहरी समर्थन की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।

अभिजीत दीपके ने दी चुनौती

हरीश साल्वे के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने उनसे सबूत सार्वजनिक करने या संबंधित अधिकारियों को सौंपने की चुनौती दी। दीपके के मुताबिक, यदि उनके संगठन को विदेश से फंडिंग मिलने के प्रमाण मौजूद हैं, तो उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाया जाना चाहिए।

दीपके ने यह भी कहा कि अब तक उनके संगठन को विदेशी फंडिंग मिलने का आरोप साबित नहीं हुआ है। इस बयान के साथ उन्होंने फंडिंग से जुड़े आरोपों पर प्रमाण पेश करने की मांग की है।

नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश का भी किया जिक्र

साल्वे ने अपने इंटरव्यू में नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए बाहरी ताकतों की संभावित भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि भारत में भी कुछ ताकतें इसी तरह के हालात पैदा करने का प्रयास कर सकती हैं।

हालांकि, विदेशी ताकतों की भूमिका और भारतीय प्रदर्शनों को विदेश से धन मिलने संबंधी ये साल्वे के आरोप हैं। इन दावों को प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र जांच और ठोस साक्ष्य आवश्यक होंगे।

विदेशी फंडिंग का मुद्दा फिर चर्चा में

इस विवाद के बीच अमेरिकी गायिका मैरी मिलिबेन ने भी अभिजीत दीपके और CJP को अमेरिका स्थित दानदाताओं से फंडिंग मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में ऐसे कथित प्रभावों के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है।

विदेशी फंडिंग को लेकर उठे इन सवालों ने आंदोलन के वित्तीय स्रोतों, पारदर्शिता और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल, इस पूरे मामले में आरोपों और जवाबी बयानों के बीच सबसे अहम सवाल यही है कि क्या इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत संबंधित अधिकारियों के सामने पेश किए जाते हैं।