हैदराबाद में चौराहे से भगवान राम की प्रतिमा हटाई गई, संगठनों ने जताया विरोध

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डेस्क : तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बशीरबाग चौराहे से भगवान श्रीराम की प्रतिमा हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा कि कांग्रेस को इस फैसले के लिए जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना में भी कांग्रेस की स्थिति उत्तर प्रदेश जैसी हो सकती है।

दशहरा उत्सव के दौरान स्थापित की गई थी प्रतिमा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बशीरबाग स्थित कनक दुर्गा मंदिर के पास दशहरा उत्सव के दौरान हिंदू संगठनों ने भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित की थी। दशहरा कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कुछ संगठनों ने प्रतिमा को उसी स्थान पर बनाए रखने और चौराहे का नाम बदलकर ‘श्रीराम चौक’ करने की मांग की थी।

इसके बाद सार्वजनिक स्थान पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद सामने आया। नगर प्रशासन के निर्देश के बाद मंदिर प्रबंधन समिति ने प्रतिमा को हटा दिया। अधिकारियों ने सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले स्थानों पर अनधिकृत धार्मिक संरचनाएं स्थापित करने से संबंधित नियमों का हवाला दिया।

बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पर साधा निशाना

तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने प्रतिमा हटाए जाने की आलोचना करते हुए कांग्रेस सरकार पर भगवान श्रीराम की प्रतिमा के प्रति विरोध का रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस घटना का राजनीतिक असर पड़ सकता है और जनता कांग्रेस को इसके लिए जवाबदेह ठहरा सकती है।

राव ने वर्ष १९४९ में अयोध्या में रामलला की प्रतिमा से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय की राजनीतिक परिस्थितियों के बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का जनाधार कमजोर हुआ और अब तेलंगाना में भी पार्टी को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। यह बीजेपी अध्यक्ष का राजनीतिक दावा है।

विश्व हिंदू परिषद ने भी जताया विरोध

इस मामले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी विरोध जताया है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविनुथला शशिधर ने भविष्य में मंदिर में १०८ फुट ऊंची भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। विहिप और कुछ अन्य हिंदू संगठन बशीरबाग चौराहे का नाम बदलकर श्रीराम चौक करने की मांग भी कर रहे हैं।

प्रशासनिक नियमों का दिया गया हवाला

दूसरी ओर, प्रतिमा हटाने की कार्रवाई के संबंध में नागरिक प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत रूप से प्रतिमाएं स्थापित करने से जुड़े नियमों का हवाला दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, दशहरा उत्सव समाप्त होने के बाद प्रतिमा हटाने की कार्रवाई मंदिर प्रबंधन समिति ने प्रशासन के निर्देश पर की।

इस घटनाक्रम ने धार्मिक प्रतीकों, सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल और चौराहे के नामकरण को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार की आलोचना की है, जबकि प्रशासन की ओर से कार्रवाई के लिए नियमों का हवाला दिया गया है।