संगीत सोम का दावा, अखिलेश यादव पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप

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डेस्क : उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक संगीत सोम के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। संगीत सोम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनकी हत्या कराने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

संगीत सोम ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान आवाज उठाने के बाद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और उन्हें जेल जाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय उनकी जान को खतरा था और उन्हें निशाना बनाने की साजिश रची गई थी।

जेल में बिताए दिनों का किया जिक्र

पूर्व विधायक ने दावा किया कि मुजफ्फरनगर जेल पहुंचने के करीब दो घंटे बाद ही उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी रात उन्हें जंगलों में घुमाया गया और बाद में उरई जेल में अन्य कैदियों को हटाकर उन्हें अकेले रखा गया।

संगीत सोम के मुताबिक, उस दौरान कुछ अधिकारियों ने उन्हें उनकी जान को खतरा होने की जानकारी दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में उनके समर्थकों ने महापंचायत आयोजित कर उनके समर्थन में आवाज उठाई।

संगीत सोम ने इन घटनाओं के लिए तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व पर सवाल उठाए और अखिलेश यादव पर उनकी हत्या कराने की मंशा का आरोप लगाया। हालांकि, इस संबंध में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने आने की पुष्टि नहीं है।

शाहिद मंजूर ने दी प्रतिक्रिया

संगीत सोम के बयान पर समाजवादी पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उन्हें अपनी जान का खतरा है, तो उन्हें सरकार से सुरक्षा की मांग करनी चाहिए।

मंजूर ने यह भी सवाल उठाया कि इस तरह के बयान देने के पीछे क्या राजनीतिक उद्देश्य हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे बयान प्रचार हासिल करने या चुनावी राजनीति में अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए भी दिए जा सकते हैं। यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया है।

मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर फिर चर्चा

वर्ष २०१३ में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार चर्चा का विषय रहे हैं। दंगों के दौरान की घटनाओं और तत्कालीन सरकार की भूमिका को लेकर दोनों दलों के नेताओं के बीच पहले भी राजनीतिक बयानबाजी होती रही है।

संगीत सोम के ताजा बयान ने एक बार फिर उस दौर की घटनाओं को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, अखिलेश यादव पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इन दावों को संबंधित नेता के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।