डेस्क : ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन (एमओयू) का जानबूझकर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज में ईरान द्वारा तय किए गए सुरक्षित समुद्री मार्ग के समानांतर एक वैकल्पिक शिपिंग रूट तैयार किया और वाणिज्यिक जहाजों को निर्धारित कॉरिडोर से हटाकर दूसरे मार्ग पर जाने के लिए निर्देशित किया।
ईरानी विदेश मंत्री ने ईरान डेली को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि समझौते के अनुच्छेद-5 में ईरान की भूमिका स्पष्ट रूप से तय की गई है। उनके मुताबिक, अमेरिका की ओर से अलग समुद्री मार्ग तैयार करना महज गलतफहमी नहीं, बल्कि समझौते की शर्तों के विपरीत कदम है।
अराघची ने कहा कि अनुच्छेद-5 के तहत युद्ध के बाद संक्रमणकालीन अवधि में ईरान को समुद्री यातायात को सामान्य स्थिति में लाने के लिए जरूरी मार्ग और व्यवस्थाएं तय करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने बताया कि हॉरमुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने और सुरक्षा संबंधी जरूरी उपायों को पूरा करने के लिए करीब एक महीने का समय निर्धारित किया गया था।
उन्होंने कहा कि समझौते के तहत रणनीतिक जलमार्ग में समुद्री सेवाएं 60 दिनों तक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जानी थीं। इसके बाद जलमार्ग के प्रबंधन और सेवाओं को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत होनी थी। अराघची ने अमेरिकी बलों द्वारा अलग मार्ग तैयार किए जाने को समझौते के प्रावधानों के खिलाफ बताते हुए कहा कि किसी भी नए शिपिंग कॉरिडोर के लिए ईरानी अधिकारियों से पहले परामर्श किया जाना जरूरी था।
विदेश मंत्री ने अमेरिकी नौसेना द्वारा जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में नया मार्ग बनाए जाने को ‘दुर्भावनापूर्ण कदम’ करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को पड़ोसी देशों से कोई दुश्मनी नहीं है और वह क्षेत्र में आपसी विश्वास बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, उन्होंने उन देशों की आलोचना की, जिन्होंने संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों और सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दी।
अराघची ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमलों का बचाव करते हुए कहा कि ईरान इसे आत्मरक्षा के अधिकार के तहत की गई कार्रवाई मानता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है और केवल बाहरी सैन्य शक्तियों पर निर्भर रहना क्षेत्रीय स्थिरता की गारंटी नहीं दे सकता।
इस बीच, अमेरिका की ओर से भी हॉरमुज में स्थिति को लेकर सख्त रुख सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह प्रभावी है। CENTCOM के अनुसार, निर्देशों का पालन नहीं करने वाले दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया, जबकि दो अन्य जहाजों पर कार्रवाई की गई। अमेरिकी कमान ने दावा किया कि गठबंधन बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले 12 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग भी बदल दिया है।









