डेस्क : राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपनी सरकार और अपने कार्यकाल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच युवाओं को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।
भुवनेश्वर के एक विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि आज की नई पीढ़ी हमारे बच्चे हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों ने इस पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की है।
प्रधान ने कहा कि भारत में हर वर्ष लगभग दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं। पिछले दस वर्षों में करीब बीस करोड़ बच्चे देश की नई पीढ़ी का हिस्सा बने हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की अपनी आकांक्षाएं हैं और यही पीढ़ी आने वाले समय में भारत को विश्व में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पद से ज्यादा देश और बच्चों का हित
अपने इस्तीफे को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनके लिए मंत्री पद महत्वपूर्ण नहीं है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा से जुड़े विवाद और विरोध प्रदर्शनों के बीच उन्होंने देश के बच्चों और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पद छोड़ने का निर्णय लिया।
प्रधान ने कहा कि बीस जुलाई को हुई घटनाओं के बाद उन्हें लगा कि देश और बच्चों के हित में पद छोड़ना ही उचित होगा। उन्होंने संकेत दिया कि उनके लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण देश और युवा पीढ़ी का भविष्य है।
ओडिशा में भी विरोध का सामना
केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान को अपने गृह राज्य ओडिशा में भी राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बीजू जनता दल के कार्यकर्ताओं की ओर से उनके कार्यक्रमों के दौरान विरोध और नारेबाजी की जा रही है।
रायराखोल में हुए विरोध प्रदर्शन पर प्रधान ने कहा कि वह नारेबाजी से परेशान नहीं हैं। उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि चाहे उन्हें वापस जाने के लिए कहा जाए, वह पीछे हटने वाले नहीं हैं और फिर लौटकर आएंगे।
नवीन पटनायक पर भी पलटवार
धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। प्रधान ने आरोप लगाया कि पटनायक युवाओं को उनके खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रधान ने कहा कि उन्हें ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा व्यक्ति बताया जा रहा है। इसके जवाब में उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा कोई काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी महसूस करनी पड़े।
प्रधान के इस बयान के समय मंच पर बीजू जनता दल के विधायक और ओडिशा विधानसभा के उपनेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे।
इस्तीफे के बाद भी अपने आरोपों पर कायम
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने के बाद भी नई पीढ़ी को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया था। अब अपने ताजा बयान में उन्होंने एक बार फिर युवाओं और देश के भविष्य का मुद्दा उठाते हुए अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की है।
उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि इस्तीफे के बावजूद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा विवाद और ओडिशा की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी तथा बीजू जनता दल के बीच टकराव का मुद्दा अभी खत्म नहीं हुआ है।








