ईरान में नेतृत्व के फैसले के साथ अंत तक खड़े रहेंगे: पेजेशकियन

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डेस्क : ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य संघर्ष तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक समुद्री यातायात को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि देश का नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, ईरानी जनता उसके साथ अंत तक खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि युद्ध जारी रखना है या नहीं, इसका फैसला सैन्य कमांडरों और देश के सर्वोच्च नेतृत्व पर छोड़ दिया जाना चाहिए।

ईरान की समाचार एजेंसी फार्स न्यूज के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा, “नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, हम अंत तक उसके साथ खड़े रहेंगे।” उन्होंने कहा कि युद्ध के संबंध में निर्णय लेने के लिए सैन्य कमांडर देश की क्षमताओं और परिस्थितियों को उनसे और आम लोगों से बेहतर समझते हैं।

पेजेशकियन ने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी युद्ध की रणनीति तय करना नहीं, बल्कि आवश्यक संसाधन, आपूर्ति और सहयोग उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय नेतृत्व और सैन्य कमांडरों को ही लेना चाहिए।

बोले- मौत से नहीं डरता, शहादत सबसे प्यारी

ईरानी राष्ट्रपति ने संघर्ष के बीच अपनी भूमिका और सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह अपने कर्तव्यों से पीछे हटने वाले नहीं हैं और जोखिम के बावजूद काम करते रहेंगे।

पेजेशकियन ने कहा, “हम मौत तक मजबूती से खड़े रहेंगे। शहादत सबसे मीठी चीज है, जिसकी मैं, आपके विनम्र सेवक के रूप में, अब कामना करता हूं।”

उन्होंने कहा कि उन्हें न तो युद्ध से डर लगता है और न ही अपने पद पर बने रहने से। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, वह बैठकों और सरकारी कामकाज से पीछे नहीं हट सकते।

संभावित हमले के खतरे का जिक्र करते हुए पेजेशकियन ने कहा कि यदि किसी दिन उनकी हत्या भी कर दी जाती है, तब भी वह अपने दायित्वों से पीछे हटने के बजाय काम करते रहेंगे।

सरकार और सेना में दरार की अटकलें खारिज

इस बीच, शुक्रवार को ईरानी सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में पेजेशकियन ने सरकार और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के बीच मतभेद की खबरों को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान एकजुट और मजबूती से साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा, “सरकार और सशस्त्र बलों के बीच कोई दरार नहीं है। ईरान एकजुट और संगठित है। विभाजन पैदा करना देश के दुश्मनों की इच्छा है।” उन्होंने ईरानी लड़ाकों की कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने दुनिया को हैरान कर दिया है।

इस्तीफे की खबरों को भी किया खारिज

ईरानी राष्ट्रपति ने इसी सप्ताह अपने इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह दृढ़ता के साथ अपना काम जारी रखेंगे। यह बयान उन खबरों के बाद आया था, जिनमें ईरानी सत्ता प्रतिष्ठान के भीतर 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लेकर कथित मतभेदों का दावा किया गया था।

पेजेशकियन के ताजा बयानों से साफ संकेत मिलता है कि ईरानी नेतृत्व मौजूदा संकट के बीच सरकार, सेना और राजनीतिक व्यवस्था के बीच एकजुटता का संदेश देना चाहता है।