जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलने की संभावना, 3.8 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी

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डेस्क : रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ 21 अक्टूबर से खुल सकता है। कंपनी इस निर्गम के जरिए करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है। अगर यह योजना तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ती है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

सूत्रों के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रह सकता है। इससे पहले 19 अक्टूबर को बड़े संस्थागत निवेशकों के लिए एंकर बुक खुलने की संभावना है। शेयरों की बाजार में सूचीबद्धता 28 अक्टूबर को हो सकती है। हालांकि, अंतिम तारीखें बाजार की परिस्थितियों के आधार पर बदल सकती हैं।

अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की तैयारी

करीब 3.8 अरब डॉलर के प्रस्तावित आकार के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया के 2.9 अरब डॉलर के आईपीओ को पीछे छोड़ सकता है। जियो प्लेटफॉर्म्स का संभावित मूल्यांकन करीब 143 से 146 अरब डॉलर यानी 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है।

कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में निवेशकों के साथ बैठकें और निवेशक संपर्क कार्यक्रम पूरे कर लिए हैं। अब अंतिम दस्तावेज दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

आईपीओ से जुटाई रकम से कर्ज चुकाएगी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि का बड़ा हिस्सा अपनी दूरसंचार इकाई के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। प्रस्तावित निर्गम में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाने की बात सामने आई है।

ग्रे मार्केट में पहले से उत्साह

जियो के आईपीओ को लेकर अनलिस्टेड बाजार में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखाई दे रही है। हाल की रिपोर्टों में इसके शेयरों के ग्रे मार्केट में करीब 125 से 150 रुपये तक के प्रीमियम पर कारोबार करने की बात सामने आई है। हालांकि, ग्रे मार्केट का प्रीमियम अनौपचारिक संकेतक है और इससे आईपीओ की अंतिम सूचीबद्धता कीमत की गारंटी नहीं होती।