वाराणसी : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश की सियासत में घमासान जारी है। इसी बीच भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को वाराणसी पहुंचे पात्रा ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों को गैरजरूरी बताते हुए सवाल किया कि जब कांग्रेस की सरकारों के दौरान यह प्रक्रिया सही थी, तो अब भाजपा सरकार के समय इसे गलत क्यों बताया जा रहा है?
संबित पात्रा ने कहा कि देश में अब तक 12 बार SIR की प्रक्रिया हो चुकी है। इनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में और दो बार भाजपा सरकार के कार्यकाल में यह प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि आपके समय में मतदाता सूची का शुद्धीकरण सही था, लेकिन अब यही प्रक्रिया जारी रखी जा रही है तो इसमें गलत क्या है?
13 करोड़ वोट चोरी के आरोप पर साधा निशाना
राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे 13 करोड़ वोट चोरी के आरोपों पर पात्रा ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वास्तव में इतने बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई होती, तो देशभर में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे होते।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक नियमित प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना और गलत प्रविष्टियों को हटाना है।
ASDD फॉर्मूले से समझाई SIR की प्रक्रिया
संबित पात्रा ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया समझाते हुए ASDD फॉर्मूले का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इसके तहत चार श्रेणियों के मतदाताओं की पहचान की जाती है।
- A (Absent): ऐसे मतदाता जो अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं हैं।
- S (Shifted): ऐसे लोग जो स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं।
- D (Dead): ऐसे मतदाता जिनका निधन हो चुका है।
- D (Duplicate): ऐसे मतदाता जिनके नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज हैं।
पात्रा के मुताबिक, इन श्रेणियों के आधार पर मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
घुसपैठियों को वोटिंग का अधिकार नहीं देने की बात
भाजपा सांसद ने कहा कि किसी भी कीमत पर घुसपैठियों को भारत में मतदान का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल SIR को लेकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए पात्रा ने कहा कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात कही जा रही है, वहां भी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों ने कई सीटों पर जीत हासिल की है।
युवा मतदाताओं के नाम काटने के आरोप को किया खारिज
राहुल गांधी की ओर से युवा मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों पर भी पात्रा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के 2 करोड़ 37 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। उनके अनुसार प्रतिदिन करीब 50 हजार युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है।
राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर भी निशाना
संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस 2014 से 2025 के बीच 56 चुनाव हार चुकी है। उन्होंने सवाल किया कि उस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तो पद पर नहीं थे, फिर कांग्रेस अपनी हार का जिम्मेदार किसे ठहराएगी?
दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली पर भी उन्होंने तंज कसा। पात्रा ने ममता बनर्जी और अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि SIR को लेकर सबसे ज्यादा परेशानी इन्हीं नेताओं को हो रही है।
SIR को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच जारी यह टकराव अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने का सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा इसे मतदाता सूची को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की नियमित प्रक्रिया बता रही है।









