कर्नाटक कांग्रेस में फिर बढ़ी खींचतान, सिद्धारमैया ने शिवकुमार को याद दिलाए चुनावी वादे

0

डेस्क : कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर पार्टी के भीतर एक बार फिर राजनीतिक संदेशों की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को शिवकुमार सरकार को चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने, पांच गारंटी योजनाओं को जारी रखने और सूखे की स्थिति से निपटने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। हालांकि, उन्होंने सरकार के कामकाज को सही दिशा में आगे बढ़ता हुआ बताया।

100 दिन केवल जश्न का अवसर नहीं

सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में सिद्धारमैया ने कहा कि इस अवधि को केवल उपलब्धियों के जश्न के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह इस बात का आकलन करने का अवसर भी है कि सरकार जनता से किए गए वादों को किस हद तक पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार के सामने यह जिम्मेदारी है कि वह यह देखे कि राज्य सही दिशा में आगे बढ़ रहा है या नहीं। सिद्धारमैया ने मौजूदा सरकार से कांग्रेस के चुनावी वादों को प्राथमिकता के साथ लागू करने पर जोर दिया।

पांच गारंटी योजनाओं पर जोर

सिद्धारमैया ने कांग्रेस सरकार की पांच प्रमुख गारंटी योजनाओं—गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी, अन्न भाग्य, शक्ति और युवा निधि—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं को जारी रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार इन योजनाओं पर हर साल करीब 52 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से विभिन्न समुदायों के गरीब परिवारों को लाभ मिला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने घोषणापत्र के कई अन्य वादे पूरे किए हैं और विकास कार्यों के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है।

शिवकुमार बोले- 2028 में भी कांग्रेस की जीत होगी

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस मौके पर सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए भरोसा जताया कि कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनाव में भी सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं की विरासत को आगे बढ़ाते हुए विकास आधारित भविष्य की दिशा में काम कर रही है।

शिवकुमार ने अपनी सरकार को कर्नाटक के करीब सात करोड़ लोगों की सरकार बताते हुए कल्याण, रोजगार, सिंचाई, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश और क्षेत्रीय विकास को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल किया।

नेतृत्व परिवर्तन के बाद बढ़ी राजनीतिक नजर

कर्नाटक में जून 2026 में नेतृत्व परिवर्तन के बाद डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद संभाला। इससे पहले वह मई 2023 से राज्य के उपमुख्यमंत्री थे। ऐसे में 100 दिन पूरे होने के मौके पर सिद्धारमैया की ओर से चुनावी वादों और गारंटी योजनाओं को लेकर दिया गया संदेश राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, सिद्धारमैया ने सरकार की दिशा को सही बताते हुए इसे सीधे तौर पर आलोचना के रूप में पेश नहीं किया।