डेस्क : कर्नाटक कांग्रेस में मंत्रिमंडल के विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष की स्थिति सामने आई है। वरिष्ठ मंत्री के. एच. मुनियप्पा ने उन्हें आवंटित मंत्रालयों पर नाराजगी जताई है, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, मुनियप्पा ने अपनी आपत्तियां पार्टी के शीर्ष नेताओं तक पहुंचाई हैं। मामला सामने आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने स्थिति को संभालने के प्रयास तेज कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी स्वयं इस विवाद के समाधान के लिए हस्तक्षेप कर सकते हैं और नाराज नेताओं से बातचीत करेंगे।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में विभागों के आवंटन को लेकर कई नेताओं की अपेक्षाएं पूरी नहीं होने की चर्चा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व किसी भी प्रकार के असंतोष को बढ़ने से रोकना चाहता है, ताकि सरकार के कामकाज पर इसका असर न पड़े।
हाल के दिनों में मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के बीच नई दिल्ली में हुई बैठकों में भी मंत्रिमंडल और विभागों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। पार्टी नेतृत्व राज्य में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व इस विवाद का जल्द समाधान निकालने की कोशिश करेगा, क्योंकि सरकार के गठन के शुरुआती चरण में ही उभरता असंतोष विपक्ष को सरकार पर हमला करने का अवसर दे सकता है।


