जेएसएससी-जेपीएससी विवाद पर राहुल गांधी की एंट्री, छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

0

डेस्क : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब सियासी मुद्दा बन गया है। लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए।

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रांची में छात्र और सरकारी नौकरी के अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पारदर्शिता की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठाई जा रही है।

सरकार पर बढ़ता राजनीतिक दबाव

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार भी विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दलों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार को घेरा है। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भी इस मुद्दे पर विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया। इससे जेपीएससी-जेएसएससी विवाद का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को कांग्रेस के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि झारखंड में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में छात्र आंदोलन पर राहुल की टिप्पणी सरकार के लिए समर्थन और छात्रों की मांगों के बीच संतुलन साधने की चुनौती को सामने लाती है।

छात्रों से बातचीत की पहल

इधर, आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम उठाने की बात कह चुके हैं। ऐसे में अब सरकार के सामने आंदोलन को शांत करने के साथ भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की चुनौती है।

जेपीएससी और जेएसएससी को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब केवल भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा नहीं रह गया है। राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद यह मामला झारखंड की राजनीति में सरकार, विपक्ष और युवाओं के बीच बढ़ते टकराव का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।