नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की घटना को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है और ऐसी कार्रवाई सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
खड़गे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है। यह सरकार सत्ता में बने रहने के योग्य नहीं है।” उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि ट्रस्ट का गठन उन्हीं की पहल पर हुआ था।
कांग्रेस नेता ने नरेंद्र मोदी से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों पर जवाब देने की मांग की।
जयराम रमेश ने पीएम के संबोधन पर साधा निशाना
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संसद सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने इसे “सिर्फ औपचारिक बातों की लंबी सूची” बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र नहीं किया।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि विपक्ष संसद में नीट परीक्षा से जुड़े विवाद, अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान के संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता ने नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा से जुड़े विवादों और युवाओं की नाराजगी का मुद्दा भी उठाया।
सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी घेरा
जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर विपक्षी दलों को कमजोर करने के प्रयासों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ कई स्तरों पर भ्रष्टाचार और हितों के टकराव से जुड़े सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। साथ ही उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया, “वन नेशन वन इलेक्शन” और अन्य विधेयकों को लेकर सरकार की आलोचना की।








