मणिपुर में बीजेपी सरकार की मुश्किलें बढ़ीं, हजारों लोगों ने निकाली विरोध रैली

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इंफाल : मणिपुर में जारी जातीय हिंसा और बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर नजर आया। शनिवार को राजधानी इंफाल में हजारों लोगों ने विशाल रैली निकालकर बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य में शांति स्थापित करने में सरकार की विफलता का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और सरकार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने साफ कहा कि राज्य में स्थायी शांति बहाल की जाए, अन्यथा सरकार को सत्ता छोड़नी होगी।

इस महारैली में घाटी और पहाड़ी क्षेत्रों के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि कई नागा नागरिक संगठनों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर एकजुटता दिखाई। रैली का आयोजन ‘कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) और अन्य नागरिक संगठनों की ओर से किया गया था।

हिंसा और विस्थापन को लेकर सरकार पर सवाल

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। ऐसे परिवारों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से जारी संकट के बावजूद राज्य में सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो सकी है।

रैली के दौरान लोगों ने शांति, न्याय, स्थानीय समुदायों की सुरक्षा और मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने कुकी सशस्त्र संगठनों के साथ जारी सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) समझौते को रद्द करने और उनके खिलाफ अभियान दोबारा शुरू करने की मांग भी उठाई।

छह सूत्रीय प्रस्ताव में उठाई गईं प्रमुख मांगें

रैली के बाद प्रदर्शनकारियों और आयोजक संगठनों की ओर से छह सूत्रीय प्रस्ताव अपनाया गया। इसमें राज्य की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, विस्थापित लोगों की घर वापसी सुनिश्चित करने, अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने और मणिपुर की मूल आबादी के हितों की रक्षा जैसे मुद्दे शामिल रहे।

प्रदर्शनकारियों ने 1951 को आधार वर्ष मानकर राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की मांग भी की। उनका कहना है कि राज्य की मूल पहचान और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

तीन लोगों की मौत से फिर बढ़ा तनाव

इस बीच मणिपुर के नोने जिले के नुंगबा थाना क्षेत्र के केकरू नागा गांव में गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। मणिपुर पुलिस के अनुसार, मृतकों के पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। घटना में शामिल लोगों और गोलीबारी के पीछे की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

बैरिकेडिंग कर रोका गया प्रदर्शनकारियों का मार्च

रैली की शुरुआत क्वाकीथेल स्थित टिडिम ग्राउंड से हुई। प्रदर्शनकारी थांगमेइबंद के थाऊ मैदान की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने कैसमपत जंक्शन पर उन्हें रोक दिया। पुलिस ने लोक भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की थी।

मणिपुर में जारी हिंसा के बीच इस विशाल प्रदर्शन को राज्य की मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति के खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजर केंद्र और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर है।