मायावती का बड़ा सियासी संदेश, आकाश आनंद की वापसी पर रखी शर्त

0

डेस्क : बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में दोबारा जिम्मेदारी देने को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। मायावती ने कहा है कि आकाश आनंद को पार्टी में जिम्मेदारी तभी दी जा सकती है, जब उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लें।

मायावती ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ऐसे लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहा है, जो बसपा के मिशन में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अशोक सिद्धार्थ को इसका प्रमुख उदाहरण बताया।

निजी स्वार्थ को लेकर लगाए आरोप

मायावती ने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी की ओर से अपनी कार्यशैली में सुधार के कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने बहुजन आंदोलन के मिशन से अधिक निजी, पारिवारिक हित और राजनीतिक महत्वाकांक्षा को महत्व दिया। मायावती के अनुसार, इसका असर अशोक सिद्धार्थ के साथ-साथ उनके दामाद आकाश आनंद पर भी पड़ा है।

उन्होंने कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने अपने निजी हितों के कारण आकाश आनंद और बसपा आंदोलन के हितों की पर्याप्त परवाह नहीं की। मायावती ने उन्हें राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़कर पार्टी और आंदोलन के हित में त्याग करने की सलाह दी।

आकाश आनंद की वापसी पर रखी शर्त

मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने का अवसर है। यदि वह सक्रिय राजनीति से हट जाते हैं तो आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करने का रास्ता खुल सकता है। इसके बाद पार्टी उनकी पुरानी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकती है।

आगामी चुनावों का भी किया जिक्र

मायावती ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये राज्य बहुजन आंदोलन और बसपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों से चुनावी मिशन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की।

मायावती के इस बयान के बाद आकाश आनंद की बसपा में भविष्य की भूमिका को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी में उनकी वापसी अब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के राजनीतिक भविष्य से जुड़ी दिखाई दे रही है।