नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी सियासी हलचल, उपचुनाव प्रत्याशी गिरफ्तार

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डेस्क : पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले रेजीनगर सीट पर राजनीतिक सरगर्मी के बीच एक प्रत्याशी की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शनिवार को रेजीनगर से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को उनके आवास से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में सैफुल इस्लाम आरोपी बनाए गए थे।

सैफुल इस्लाम का संबंध हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली आम जनता उन्नयन पार्टी से रहा है। हालांकि, रेजीनगर उपचुनाव में पार्टी ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।

इसी बीच आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रदेश सचिव आशिक इकबाल की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले में वाहन जांच के दौरान उन्हें पकड़ा गया। तलाशी के दौरान वाहन से 500 रुपये के 108 कथित जाली नोट, दो आग्नेयास्त्र और चार कारतूस बरामद किए जाने का दावा पुलिस ने किया है। उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया।

पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को भी एक मामले की जांच के सिलसिले में नोटिस जारी कर सोमवार को जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होने को कहा है। यह मामला दो समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कथित साजिश से जुड़ा बताया गया है।

रेजीनगर में प्रत्याशी को लेकर भी बदला फैसला

रेजीनगर सीट पर शनिवार को एक और राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। ममता बनर्जी की पार्टी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले अपना नामांकन वापस लेने और पार्टी छोड़ने की घोषणा की थी। बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।

रेजीनगर में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब नंदीग्राम सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में उपचुनाव को लेकर चर्चा तेज है।