नए संसद भवन के डिजाइन पर थरूर ने उठाए सवाल, बोले- ‘बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर’ जैसा लगता है

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डेस्क : कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नए संसद भवन के डिजाइन और उसकी आंतरिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि नई इमारत में पुराने संसद भवन जैसी आत्मीयता और संवाद का माहौल नहीं है। उन्होंने नए संसद भवन को ‘बेजान कॉन्फ्रेंस सेंटर’ जैसा बताते हुए कहा कि इसकी बनावट सांसदों के बीच बढ़ती दूरी को दर्शाती है।

नई दिल्ली में पत्रकार और लेखिका शोभना के. नायर की पुस्तक हाउसिंग द रिपब्लिक: ए बायोग्राफी ऑफ द इंडियन पार्लियामेंट के विमोचन कार्यक्रम में बोलते हुए थरूर ने पुराने और नए संसद भवन की तुलना की। उन्होंने कहा कि पुराने संसद भवन के सदन अपेक्षाकृत अधिक आत्मीय थे और वहां सांसदों के बीच बातचीत तथा अनौपचारिक संवाद के अवसर ज्यादा मिलते थे।

थरूर ने नए भवन की ऊंची छत और पंखे के आकार में बनी बैठने की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सांसदों के बीच दूरी का अहसास बढ़ता है। उनके मुताबिक, यह व्यवस्था मौजूदा राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण का प्रतीक भी प्रतीत होती है।

सेंट्रल हॉल की कमी पर भी सवाल

कांग्रेस सांसद ने नए संसद भवन में पुराने भवन के सेंट्रल हॉल जैसी जगह नहीं होने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुराना सेंट्रल हॉल मौजूदा और पूर्व सांसदों, पत्रकारों तथा संसद से जुड़े अन्य लोगों के बीच अनौपचारिक बातचीत और मेलजोल का महत्वपूर्ण स्थान था।

थरूर के अनुसार, नए भवन में ऐसे अवसर कम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इससे अलग-अलग दलों के सांसदों के बीच संवाद, सौहार्द और आपसी जुड़ाव प्रभावित हुआ है।

850 सांसदों की संख्या पर जताई चिंता

थरूर ने भविष्य में लोकसभा में सांसदों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि बड़ा सदन अधिक प्रतिनिधित्व तो सुनिश्चित कर सकता है, लेकिन यदि सदन बहुत बड़ा हो गया तो सार्थक बहस और सांसदों के बीच संवाद प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने संकेत दिया कि बड़ी संख्या में सांसद एक-दूसरे के लिए अपरिचित हो सकते हैं और संसदीय चर्चा का स्तर प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, थरूर ने नए संसद भवन की एक सुविधा की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि पुराने भवन में सांसदों को अपनी सीट तक पहुंचने के लिए कई बार अन्य सदस्यों के बीच से होकर गुजरना पड़ता था, जबकि नए भवन में इस समस्या को बेहतर तरीके से दूर किया गया है।

नया संसद भवन मई 2023 में उद्घाटित हुआ था और सितंबर 2023 में यहां संसद की कार्यवाही शुरू हुई थी।