नई दिल्ली : नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए सहायता तेज कर दी है। भारत अब तक नेपाल को 47.5 टन आपात राहत सामग्री भेज चुका है। इसमें दवाइयां, खाने का सामान और अन्य मानवीय सहायता सामग्री शामिल है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने दो विमानों के जरिए काठमांडू राहत सामग्री भेजी है। इनमें कुल 8 टन दवाइयां और 1 टन खाद्य सामग्री शामिल है। इसके अलावा दूसरी खेप में 37.5 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत सामग्री, दवाइयां और खाने के पैकेट भेजे गए हैं।
भारतीयों की तलाश में जुटा विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल में बाढ़ की स्थिति को लेकर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों तथा काठमांडू और बीजिंग में भारतीय राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा का पता लगाने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विदेश मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और परियोजना अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में आई बाढ़ के बाद 288 भारतीयों के लापता होने की जानकारी है। इनमें हाइड्रोपावर परियोजनाओं में काम करने वाले लोग और पर्यटक समूह शामिल हैं। तमिलनाडु के 21 भारतीयों को सुरक्षित बचाया गया है। वहीं, तिब्बत में करीब 200 भारतीयों ने भी भारत से मदद मांगी है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़ा है और वहां की जरूरतों के अनुसार हरसंभव सहायता जारी रखेगा। नेपाल में अचानक आई बाढ़ से तीन जिलों में भारी तबाही हुई है और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।








