‘जेपीएनआईसी ही नहीं, जेपी को भी बेच दिया’, भाजपा पर अखिलेश यादव का बड़ा हमला

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डेस्क : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपीएनआईसी को लीज पर दिए जाने के मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने सिर्फ जेपीएनआईसी को ही नहीं, बल्कि लोकनायक जय प्रकाश नारायण की विरासत और विचारों को भी बेचने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने जेपीएनआईसी को लेकर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और अब उसे लीज पर देने का फैसला किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस संपत्ति को सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया गया था, उसे निजी हाथों में देने की जरूरत क्यों पड़ी।

सपा प्रमुख ने दावा किया कि जेपीएनआईसी की पार्किंग से ही लंबे समय में सरकार को बड़ी आय हो सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संपत्ति को जिस कीमत पर लीज पर दिया गया, उसकी तुलना में भविष्य में इससे होने वाली आय कहीं अधिक हो सकती थी।

सरकार पर सरकारी संपत्तियां निजी हाथों में देने का आरोप

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सरकारी संपत्तियों और परियोजनाओं को निजी हाथों में सौंपने की नीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने किसान बाजार, शाने-अवध और जनेश्वर मिश्र पार्क समेत कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए सरकार से इन फैसलों पर जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार समाजवादी सरकार के समय शुरू की गई परियोजनाओं को या तो बंद कर रही है या उन्हें निजी हाथों में सौंप रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य जनता के हित के बजाय चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाना है।

सत्ता में वापसी पर कार्रवाई का दावा

अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर जेपीएनआईसी को लीज पर देने के फैसले की पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि फैसले से जुड़े अधिकारियों और प्रक्रिया की भी जांच होगी तथा यदि अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

सपा प्रमुख ने भाजपा पर राजनीतिक और वैचारिक विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जय प्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं के नाम से जुड़ी संस्थाओं को बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता आने वाले विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों पर भाजपा से जवाब मांगेगी।