डेस्क : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक ‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने भारत में इस किताब को प्रकाशित करने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रकाशक ने पांडुलिपि के एक हिस्से में संपादकीय बदलाव करने और कुछ अंश हटाने की मांग की थी, लेकिन सोनिया गांधी ने इसमें किसी तरह की कटौती या बदलाव से इनकार कर दिया।
दूसरे प्रकाशक राइट्स लेने की दौड़ में
पेंगुइन के पीछे हटने के बाद कई प्रमुख प्रकाशक कथित तौर पर किताब के भारतीय संस्करण के अधिकार हासिल करने में रुचि दिखा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, हार्पर कॉलिन्स इंडिया इसके प्रकाशन समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है।
क्या है सोनिया गांधी की किताब में?
‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ में सोनिया गांधी ने अपने जीवन के निजी और राजनीतिक पहलुओं को विस्तार से सामने रखा है। किताब में 1965 में कैम्ब्रिज में राजीव गांधी से उनकी मुलाकात, नेहरू-गांधी परिवार में उनका प्रवेश, संजय गांधी के निधन और इंदिरा गांधी तथा राजीव गांधी की हत्या के दौरान झेले व्यक्तिगत दर्द का जिक्र है। इसके अलावा 2004 में प्रधानमंत्री पद स्वीकार न करने के फैसले के पीछे की वजहों पर भी चर्चा की गई है।
सोनिया गांधी ने कहा है कि उनके परिवार के बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन उनकी भावनाओं, फैसलों और मानवीय कमियों की वास्तविकता तक बहुत कम कथाएं पहुंच पाई हैं। उनकी किताब पिछले छह दशकों में भारत में हुए सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी उनके नजरिए से देखने का अवसर देती है।
10 नवंबर को होगी किताब की रिलीज
भारत को छोड़कर दुनिया के अन्य देशों में किताब 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है। अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नोपफ ने इसके प्रकाशन की घोषणा की थी। किताब सोनिया गांधी के इटली में बचपन से लेकर भारत आने, राजीव गांधी से विवाह और इसके बाद के राजनीतिक सफर तक की कहानी सामने रखेगी।








