डेस्क : नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह बढ़ता जा रहा है। फिल्म में ‘पंचायत’ के प्रह्लाद चाचा यानी अभिनेता फैजल मलिक रावण के भाई कुंभकर्ण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। खास बात यह है कि इस विशालकाय पौराणिक किरदार की कल्पना करने के लिए फैजल मलिक ने हॉलीवुड की सुपरहीरो फिल्म ‘एवेंजर्स’ के हल्क से प्रेरणा ली है।
हल्क से मिली कुंभकर्ण के लुक की प्रेरणा
फैजल मलिक ने हाल ही में Variety India के साथ बातचीत में अपने किरदार की तैयारी से जुड़ी बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब वह यह कल्पना कर रहे थे कि पर्दे पर कुंभकर्ण कैसे दिखाई देंगे, तब अभिनेता मार्क रफैलो के हल्क वाले किरदार ने उन्हें एक रेफरेंस दिया।
फैजल के मुताबिक, हल्क का विशाल शरीर और एक सामान्य इंसान से अलग उसका रूप उनके लिए कुंभकर्ण की शारीरिक बनावट को समझने का शुरुआती आधार बना। हालांकि, कुंभकर्ण को पर्दे पर जीवंत करना केवल उसके विशाल शरीर को दिखाने तक सीमित नहीं था, बल्कि उसके पौराणिक व्यक्तित्व को भी समझना जरूरी था।
कुंभकर्ण का किरदार निभाना सपने जैसा
फैजल मलिक ने कहा कि रामायण देखते हुए उनका बचपन बीता है। ऐसे में इस महाकाव्य के एक महत्वपूर्ण किरदार को निभाने का अवसर मिलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
उन्होंने बताया कि कुंभकर्ण कोई सामान्य इंसान नहीं है। उसका विशाल आकार और छह महीने तक गहरी नींद में रहने की मान्यता इस किरदार को दूसरे पात्रों से अलग बनाती है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अभिनय करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती रही है।
नितेश तिवारी ने किरदार पर दिया खास ध्यान
अभिनेता ने फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी की भी तारीफ की। उनके अनुसार, कुंभकर्ण का किरदार अपने आकार और बनावट के लिहाज से बेहद खास है। इसलिए निर्देशक और फिल्म की टीम ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि वह फिल्म की दुनिया में स्वाभाविक और प्रभावशाली नजर आए।
फैजल ने फिल्म की तकनीकी टीम और नए लोगों के साथ काम करने के अनुभव को भी खास बताया। उनके मुताबिक, इस भूमिका के लिए काफी तैयारी करनी पड़ी और फिल्म का अनुभव उनके लिए अब तक के काम से काफी अलग रहा है।
प्रह्लाद चाचा की तरह कुंभकर्ण को भी मिले दर्शकों का प्यार
‘पंचायत’ में प्रह्लाद चाचा के किरदार से लोकप्रियता हासिल करने वाले फैजल मलिक की इच्छा है कि दर्शक उन्हें कुंभकर्ण के रूप में भी उतना ही प्यार दें। उन्होंने रामानंद सागर की टीवी सीरीज ‘रामायण’ का जिक्र करते हुए कहा कि उसके किरदार और उन्हें निभाने वाले कलाकार आज भी लोगों की यादों में बसे हुए हैं।
अरुण गोविल को भगवान राम के रूप में आज भी मिलने वाला सम्मान इस बात का उदाहरण है कि रामायण के पात्रों का भारतीय दर्शकों के साथ कितना गहरा भावनात्मक जुड़ाव है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बड़े पर्दे पर फैजल मलिक का कुंभकर्ण वाला अंदाज दर्शकों को कितना प्रभावित करता है और क्या वह प्रह्लाद चाचा की तरह इस किरदार से भी लोगों के दिलों में खास जगह बना पाते हैं।









