नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से फोन पर बातचीत कर कतर के पूर्व अमीर और राष्ट्रपिता अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देते हुए भारत के प्रति उनके स्नेह और कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति उनके अपनत्व को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत की जानकारी देते हुए कहा कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने भारत और कतर के संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता की दूरदर्शी सोच और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की उनकी प्रतिबद्धता आने वाले समय में भी मार्गदर्शन करती रहेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी को अपनी हार्दिक संवेदनाएं प्रेषित कीं और दिवंगत पूर्व अमीर के भारत के प्रति लगाव, कतर में रह रहे भारतीयों के प्रति उनके सम्मान और दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के प्रयासों को याद किया।
इससे पहले भारत सरकार ने शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर सम्मान प्रकट करते हुए 13 जुलाई को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा था कि उनके नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की।
कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन 74 वर्ष की आयु में हुआ। उन्होंने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर का नेतृत्व किया और देश के आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास में अहम योगदान दिया। उनके शासनकाल में कतर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके कार्यकाल में वर्ष 2004 में कतर का पहला स्थायी संविधान लागू किया गया। इसके साथ ही नगर निकाय चुनावों की शुरुआत हुई, जिसमें महिलाओं को मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया। ऊर्जा संपन्न देश कतर को आधुनिक और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में शेख हमद की नीतियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








