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डेस्क : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के आह्वान पर विभिन्न शहरों और कस्बों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं तथा प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगा रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और गिरफ्तार किए गए नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। आंदोलनकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है। हालात को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
इस बीच जेएएसी के नेता सरदार अमान खान का एक बयान भी चर्चा में है। उन्होंने भारत और जम्मू-कश्मीर के लोगों से समर्थन की अपील करते हुए कथित तौर पर कहा कि यदि संभव हो तो नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार कर उनकी मदद की जाए। इस बयान के बाद पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और सामरिक हलकों का भी ध्यान आकर्षित किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि पीओके में बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर लंबे समय से लोगों में असंतोष रहा है। हालिया गिरफ्तारियों ने इस नाराजगी को और अधिक भड़का दिया है, जिसके चलते विरोध प्रदर्शन व्यापक रूप ले रहे हैं।
फिलहाल पाकिस्तान प्रशासन की ओर से स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। हालांकि प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को जारी रखने पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
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