डेस्क : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने गुरुवार को फिनटेक कंपनियों को नियामकीय श्रेणियों के बीच मौजूद खामियों का फायदा उठाकर कारोबार बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कंपनियों से नए उत्पाद विकसित करने और कारोबार का विस्तार करने से पहले ही नियामकों के साथ संवाद करने की अपील की।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में बोलते हुए मल्होत्रा ने कहा कि कंपनियों को पहले कारोबार का विस्तार करने और बाद में नियामकीय स्पष्टता हासिल करने की रणनीति से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने नियामकीय सैंडबॉक्स और पायलट व्यवस्था इसी उद्देश्य से तैयार की है, ताकि कंपनियां शुरुआती चरण में नियामक से संपर्क कर अपने उत्पादों और कारोबारी मॉडल का परीक्षण कर सकें।
गवर्नर ने कहा कि जो कंपनी नियमों से आगे निकलने की कोशिश करती है, उसे अंततः इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसका असर कंपनी के साथ-साथ उपभोक्ताओं के भरोसे पर भी पड़ता है।
कारोबार बढ़ने के साथ जिम्मेदारी भी बढ़े
मल्होत्रा ने कहा कि जैसे-जैसे किसी फिनटेक कंपनी का कारोबार बड़ा होता है, वित्तीय प्रणाली के प्रति उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ती जाती है। शुरुआती दौर में कई कंपनियां प्रूडेंशियल रेगुलेशन के दायरे से बाहर हो सकती हैं, लेकिन जब किसी कंपनी का भुगतान कारोबार, कर्ज पोर्टफोलियो या ग्राहक आधार इतना बड़ा हो जाए कि उसका असर वित्तीय प्रणाली पर पड़ सकता हो, तब उसकी जिम्मेदारियां केवल अपने कारोबार तक सीमित नहीं रह जातीं।
उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर पहुंच चुकी कंपनियों के लिए परिचालन में मजबूती, कारोबार की निरंतरता और साइबर सुरक्षा अब विकल्प नहीं, बल्कि उनके आकार की कीमत हैं।
‘समान गतिविधि, समान जोखिम, समान नियमन’
आरबीआई की नियामकीय नीति को स्पष्ट करते हुए गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक का सिद्धांत ‘समान गतिविधि, समान जोखिम, समान नियामकीय व्यवहार’ है। हालांकि, अलग-अलग संस्थाओं की क्षमता को भी ध्यान में रखा जाता है।
उन्होंने कहा कि जहां नवाचार शुरुआती चरण में हो और जोखिम सीमित हों, वहां नियमन को हल्का रखा जाता है। लेकिन जैसे-जैसे गतिविधियां बड़े स्तर पर पहुंचती हैं या उपभोक्ता हितों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण होने लगते हैं, आरबीआई आवश्यकतानुसार नियमन को मजबूत करता है।
ग्राहक डेटा को कारोबार की संपत्ति न मानें
मल्होत्रा ने फिनटेक कंपनियों से ग्राहक डेटा को केवल कमाई का साधन न मानने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेटा को एक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। कंपनियों को डेटा केवल स्पष्ट उद्देश्य के लिए एकत्र करना चाहिए, ग्राहक की सहमति के अनुरूप उसका इस्तेमाल करना चाहिए और उसकी पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक फिनटेक क्षेत्र को नई तकनीकों के माध्यम से स्थिर, सक्षम और समावेशी वित्तीय व्यवस्था तैयार करने में रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। इस दौरान उन्होंने यूनाइटेड फिनटेक फोरम को फिनटेक क्षेत्र का दूसरा स्व-नियामक संगठन (SRO) के रूप में मान्यता दिए जाने की भी घोषणा की।








