पहलगाम आतंकी हमले पर ब्रिक्स देशों का कड़ा रुख, आतंकवाद के खिलाफ दिया स्पष्ट संदेश

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नई दिल्ली :  राजधानी दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने पर जोर देते हुए आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज किया है।

ब्रिक्स के सर्वसम्मति से पारित घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की निंदा की गई। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

घोषणापत्र में कहा गया कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। आतंकवादी गतिविधियों और उनके समर्थन में शामिल लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

ब्रिक्स देशों ने आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने समेत आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प दोहराया। साथ ही कहा गया कि आतंकवाद से मुकाबला करना देशों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए वैश्विक स्तर पर प्रभावी सहयोग जरूरी है।

पहलगाम हमले की सामूहिक निंदा को भारत के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक समर्थन माना जा रहा है। ब्रिक्स के मंच से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख सामने आने को पाकिस्तान के लिए भी स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।