नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय मुलाकात की। बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ ही सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और चीन के बीच संबंधों को आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हितों के आधार पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इन्हें विवाद का रूप नहीं लेना चाहिए। सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
बैठक में सीमा से जुड़े मुद्दों को बातचीत और मौजूदा समझौतों के माध्यम से आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। इसके बाद सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत के जरिए तनाव कम करने के प्रयास किए गए हैं।
शी जिनपिंग ने भी भारत-चीन संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग बढ़ाने तथा द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर और सकारात्मक दिशा देने पर जोर दिया।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सीमा पर शांति के साथ व्यापार, आर्थिक सहयोग और अन्य द्विपक्षीय मुद्दे भी दोनों देशों के बीच संबंधों के अहम हिस्से बने हुए हैं।








