प्याज-चीनी के दामों में उछाल, आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार

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डेस्क :  रसोई में इस्तेमाल होने वाली दो प्रमुख खाद्य वस्तुओं प्याज और चीनी की कीमतों में तेजी ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। प्याज के दाम जहां करीब एक महीने पहले 25 रुपये किलो के आसपास थे, वहीं अब कई शहरों में यह 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है। दूसरी ओर चीनी की कीमत भी कुछ बाजारों में 70 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है।

जानकारी के मुताबिक, प्याज की कीमतों में तेजी का प्रमुख कारण पुराने रबी स्टॉक में कमी और नई फसल की आवक के बीच बना अंतर है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये किलो रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत अधिक है।

दिल्ली में प्याज का भाव 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 35 रुपये किलो था। चेन्नई में भी प्याज की कीमत लगभग 58 रुपये किलो दर्ज की गई है। महाराष्ट्र में मार्च-अप्रैल के दौरान हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का असर फसल और भंडारित प्याज की गुणवत्ता पर पड़ा है।

चीनी के दामों में भी उछाल

चीनी की कीमतों में भी अगस्त के दूसरे पखवाड़े में तेजी देखने को मिली है। 12 से 22 अगस्त के बीच कई शहरों में चीनी 14 से 17 रुपये प्रति किलो तक महंगी हुई। गुवाहाटी में चीनी का भाव 54 रुपये से बढ़कर 71 रुपये किलो पहुंच गया। रांची और कोलकाता में कीमत 70 रुपये, जबकि हैदराबाद और चेन्नई में करीब 70 रुपये किलो तक पहुंच गई।

दिल्ली में भी चीनी का भाव 12 अगस्त के 54 रुपये से बढ़कर 22 अगस्त को 68 रुपये किलो हो गया।

सरकार ने उठाए कदम

बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने के प्रयास तेज किए हैं। बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने के साथ नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी जैसे बड़े बाजारों तक प्याज पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

वहीं चीनी की कीमतों पर नियंत्रण के लिए जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात को भी मंजूरी दी है। सरकार को उम्मीद है कि इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और आने वाले दिनों में कीमतों पर कुछ राहत मिल सकती है।