डेस्क : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों के लिए अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान की ओर से दोबारा आतंकी हमला किया गया तो भारत उसका मुंहतोड़ जवाब देगा।
न्यूज18 के कार्यक्रम DEFCON 2026 को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के साथ पाकिस्तान ने एक ‘लक्ष्मण रेखा’ पार कर दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में ऐसी घटना दोहराई गई तो भारत इसका जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की धरती से होने वाली किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई को अब युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह के परमाणु दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। राजनाथ सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों ने भारत की क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उसके संकल्प को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहता है, लेकिन शांति की इच्छा को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। आतंकवाद को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने वाले देशों को यह समझना होगा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा करने में सक्षम है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की रणनीति में बदलाव आया है। अब देश की नीति ‘सजा के जरिए रोकथाम’ यानी डिटरेंस बाय पनिशमेंट की ओर बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं को पूरी ऑपरेशनल आजादी दी गई है और राजनीतिक नेतृत्व हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वालों के बीच अब कोई अंतर नहीं किया जाएगा। सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।








