डेस्क : क्रेडिट कार्ड दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले कथित फर्जी कॉल सेंटर का राजस्थान पुलिस ने दिल्ली में भंडाफोड़ किया है। डीग पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से उत्तम नगर स्थित तीन मंजिला इमारत में चल रहे आनंद एंटरप्राइजेस कार्यालय पर छापा मारकर 43 युवतियों समेत कुल 83 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, यहां निजी बैंक के क्रेडिट कार्ड के नाम पर लोगों से संपर्क कर उन्हें ठगी के जाल में फंसाने का आरोप है।
फर्जी बैंक आईडी और विजिटिंग कार्ड बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर एक्सिस बैंक के फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी कार्ड मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन दस्तावेजों के जरिए ग्राहकों को बैंक प्रतिनिधि बनकर क्रेडिट कार्ड सेवाओं के नाम पर कॉल किए जाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और इनके पीछे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में कर्मचारी और ट्रेनिंग स्टाफ शामिल हैं। सभी को राजस्थान लाकर कामां थाने में रखा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
बैंक मैनेजर की शिकायत से खुला मामला
मामले की शुरुआत 20 अगस्त को हुई थी। डीग स्थित एक्सिस बैंक शाखा के प्रबंधक फूल सिंह ने साइबर थाने में शिकायत दी थी कि कुछ लोग बैंक के नाम का इस्तेमाल कर फर्जी पहचान पत्र और विजिटिंग कार्ड के जरिए लोगों से क्रेडिट कार्ड के लिए संपर्क कर रहे हैं।
जांच के दौरान आजमगढ़ निवासी आकाश राठौर का नाम सामने आया। आरोप है कि उसने एक ग्राहक को एक्सिस बैंक का क्रेडिट कार्ड दिलाने का झांसा दिया था। ग्राहक द्वारा पहचान और बैंक से संबंध पूछे जाने पर उसने वाट्सऐप के जरिए बैंक के विजिटिंग कार्ड और आईडी भेजे। दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद उनकी जांच कराई गई, जिसमें दोनों फर्जी पाए गए।
आकाश की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पहुंची पुलिस
आकाश राठौर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। इसी दौरान दिल्ली में चल रहे कथित बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद डीग साइबर थाने की टीम दिल्ली पहुंची और उत्तम नगर थाना पुलिस तथा साइबर द्वारका की तकनीकी और जमीनी मदद से कार्रवाई की गई।
संचालिका से पूछताछ, नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक पूछताछ में कार्यालय की संचालिका सलोनी मित्तल (47) का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, फर्जी बैंक आईडी के जरिए ग्राहकों को कॉल कर क्रेडिट कार्ड सेवाओं के नाम पर उन्हें अपने जाल में फंसाने की बात सामने आई है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ग्राहकों का डेटा कहां से जुटाया जाता था और ठगी से हासिल रकम का लेनदेन किस तरह होता था। कॉलिंग में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड भी जांच के दायरे में हैं। शुरुआती जांच में सिम कार्ड संबंधित कॉलर्स के नाम पर पाए गए हैं।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए सभी 83 लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित नेटवर्क के तार दिल्ली और राजस्थान में सामने आए अन्य साइबर ठगी के मामलों से जुड़े हैं या नहीं। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।








