बेंगलुरु : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक वरिष्ठ वैज्ञानिक की मौत के मामले ने कार्यस्थल पर बढ़ते दबाव और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि काम से जुड़े तनाव के कारण वैज्ञानिक मानसिक परेशानी से गुजर रहे थे। हालांकि, उनकी मौत के कारणों और परिवार के आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक वैज्ञानिक शरद कटियार बेंगलुरु स्थित एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे। वह लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) एमके-2 कार्यक्रम से भी जुड़े हुए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, सीगेहल्ली क्षेत्र में स्थित एक आवासीय परिसर में उनकी मौत हुई।
परिवार ने काम के दबाव का लगाया आरोप
परिजनों का कहना है कि वैज्ञानिक पिछले एक महीने से अधिक समय से कार्यस्थल पर दबाव का सामना कर रहे थे। परिवार के अनुसार, इस स्थिति का उनकी मानसिक सेहत पर असर पड़ा था। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के लिए चिकित्सकीय सहायता भी ली थी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 21 अक्टूबर को वैज्ञानिक ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के लिए बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहांस) का रुख किया था। परिवार का आरोप है कि उपचार के बावजूद काम से जुड़ा तनाव बना हुआ था।
पुलिस ने दर्ज की अप्राकृतिक मृत्यु की रिपोर्ट
मामले में पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मृतक की पत्नी और माता-पिता के बयान दर्ज किए हैं। फिलहाल मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
एडीए प्रशासन को पहले जानकारी नहीं थी
एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के प्रशासन एवं मानव संसाधन निदेशक कृष्ण राजेंद्र के अनुसार, संस्थान को घटना के संबंध में पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि सहकर्मियों से बातचीत के दौरान भी उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं मिली। उनके मुताबिक, संस्थान कर्मचारियों को मानसिक तनाव से निपटने में सहायता देने के लिए तनाव प्रबंधन संबंधी कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।
वैज्ञानिक की मौत ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि कार्यस्थलों पर कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और काम के दबाव को लेकर कितनी प्रभावी व्यवस्था मौजूद है। फिलहाल, मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।









