राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन देशों की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर दिल्ली लौटीं

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नई दिल्ली :  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को पूर्वी यूरोप के तीन देशों—मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद नई दिल्ली लौट आईं। राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उनके दिल्ली पहुंचने की जानकारी दी।

राष्ट्रपति की इस यात्रा को भारत की कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यात्रा के दौरान तीनों देशों के साथ व्यापार, रक्षा, पर्यटन और आर्थिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर सहमति बनी। मुर्मू मोल्दोवा और उत्तर मैसेडोनिया की यात्रा करने वाली पहली भारतीय राष्ट्राध्यक्ष भी बनीं। वहीं, रोमानिया की उनकी यात्रा तीन दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली यात्रा रही।

यात्रा के अंतिम चरण में राष्ट्रपति मुर्मू 23 जुलाई को रोमानिया पहुंचीं। यहां भारत और रोमानिया ने अगले तीन वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। मुर्मू ने रोमानिया के राष्ट्रपति निकुसोर डान के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की और प्रधानमंत्री इलिए बोलोजान से भी मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने शुक्रवार को बुखारेस्ट में आयोजित भारत-रोमानिया बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने भारत-रोमानिया संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी बातचीत की। इस दौरान बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज ने राष्ट्रपति मुर्मू को मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। ‘डॉक्टर होनोरिस कॉसा’ विश्वविद्यालय का सर्वोच्च अकादमिक सम्मान है।

स्वदेश रवाना होने से पहले राष्ट्रपति ने रोमानिया में रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। रोमानिया में इस समय करीब 13,500 भारतीय नागरिक रहते हैं, जिनमें लगभग 10,000 श्रमिक शामिल हैं।

इससे पहले 21 और 22 जुलाई को उत्तर मैसेडोनिया की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रपति गोर्डाना सिल्यानोव्स्का-दावकोवा के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने आपसी व्यापार को दोगुना करने के साथ पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई। राष्ट्रपति ने स्कोप्जे में उत्तर मैसेडोनिया की संसद को संबोधित किया और भारत-उत्तर मैसेडोनिया बिजनेस फोरम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता भी की।

राष्ट्रपति की यूरोपीय यात्रा की शुरुआत 20 जुलाई को मोल्दोवा से हुई थी। वहां उन्होंने राष्ट्रपति माइया सांडू के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। दोनों देशों ने कृषि, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।