कीव : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मॉस्को ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों की महत्वपूर्ण सुविधाओं की सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल ईरान अमेरिकी ठिकानों और क्षेत्रीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों की योजना बनाने में कर रहा है।
जेलेंस्की ने शनिवार शाम अपने संबोधन में कहा कि यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों ने जुलाई की शुरुआत से खाड़ी देशों और वहां स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रूसी सैटेलाइट निगरानी दर्ज की है। उनके मुताबिक, इन निगरानी तस्वीरों का इस्तेमाल हमलों से पहले उनकी तैयारी और हमलों के बाद नुकसान का आकलन करने के लिए किया जा रहा है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि 19 और 20 जुलाई को ही रूसी सैटेलाइटों ने क्षेत्र के चार एयरबेस पर विशेष निगरानी की। इनमें बहरीन के दो, जॉर्डन का एक और कुवैत का एक एयरबेस शामिल है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन इस संबंध में उपलब्ध खुफिया जानकारी अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ साझा करेगा।
उत्तर कोरिया से 30 हजार सैनिक लेने का दावा
जेलेंस्की ने रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि रूस उत्तर कोरिया से करीब 30 हजार और सैनिकों को अपने यहां तैनात करने की तैयारी कर रहा है। उनके अनुसार, जून से रूस के वोरोनेज क्षेत्र में इन सैनिकों के स्वागत की तैयारियां चल रही हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर कोरिया रूस को बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए अतिरिक्त लॉन्चर उपलब्ध कराने की तैयारी में है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस उत्तर कोरिया को युद्ध लड़ने, हथियारों में सुधार करने और वास्तविक युद्ध का अनुभव हासिल करने में मदद कर रहा है। उन्होंने इसे केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया के लिए खतरा बताया।
अनाज ठिकानों पर हमलों का भी आरोप
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस पर कृषि और अनाज उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस की यह रणनीति पहले अपनाए गए तरीकों जैसी है, जिसका असर वैश्विक खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है।
जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि काला सागर क्षेत्र से अनाज निर्यात में बाधा के कारण मिस्र, लीबिया और अन्य अनाज आयात पर निर्भर देशों में महंगाई और खाद्य संकट का दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्रालय को इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को जानकारी देने के निर्देश दिए।
ट्रंप ने रूस और चीन को दी थी चेतावनी
जेलेंस्की के आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रूस और चीन को ईरान को हथियार उपलब्ध कराने के खिलाफ चेतावनी दी थी। हालांकि, ट्रंप ने कहा कि उन्हें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस आश्वासन पर भरोसा है कि दोनों देश फिलहाल ईरान को सैन्य सहायता नहीं दे रहे हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यदि रूस या चीन ने ईरान को हथियार उपलब्ध कराए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब अमेरिका कथित तौर पर यह आकलन कर रहा है कि ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों में रूस और चीन ने किसी तरह की लक्ष्य संबंधी खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई थी या नहीं।








